नो एंट्री के हक में नहीं संजौली के कारोबारी

शिमला। संजौली के कारोबारियों को बाजार की सड़क को सुबह और शाम वाहनों की आवाजाही के लिए बंद रखना रास नहीं आ रहा है। कारोबारियों का कहना है कि नो एंट्री किसी के भी हित में नहीं है। कारोबारियों को जहां इससे भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है, वहीं आम लोगों को भी बाईपास से होकर या पैदल सफर कर अपने गंतव्य तक पहुंचने को विवश किया जा रहा है। कारोबारियों का मत है कि अगर नो एंट्री की बजाय संजौली बाजार को वन वे कर दिया जाए तो सभी की समस्याएं हल हो जाएंगी।
शहर के सबसे बड़े उपनगर संजौली में समस्याओं का अंबार है। सुबह 8:45 से 10:00 बजे और शाम 5:15 से 7:15 तक संजौली बाजार से वाहनों के गुजरने पर रोक लगाई गई है। संजौली चौक और ढली टनल पर पुलिस नो एंट्री के बोर्ड बीच राह में खड़े कर देती है। इस समय यदि संजौली से ढली की ओर गाड़ी में जाना हो तो संजौली कालेज वाला बाईपास ही एकमात्र विकल्प है। ऐसे में संजौली के कारोबारी नो एंट्री के समय लोगों की आवाजाही कम होने से खासे चिंतित हैं। कारोबारियों का कहना है कि वाहनों के बाजार से न गुजरने के चलते व्यापार घट गया है। कारोबारियों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस बड़ी समस्या के अलावा संजौली के कारोबारी अवैध पार्किंग, अवैध तौर पर कारोबार कर रहे तह बाजारियों और सार्वजनिक शौचालय की खस्ता हालत का भी रोजाना सामना करने को मजबूर हैं।


अवैध पार्किंग ने बढ़ाई परेशानी
सब्जी विक्रेता रवि कुमार का कहना है कि बाजार में पार्किंग का कोई भी उचित स्थान न होने की वजह से लोग अवैध तौर पर सड़क किनारे वाहन खड़े कर देते हैं, जिससे आवाजाही में दिक्कतें पेश आती हैं।

खस्ताहाल है सार्वजनिक शौचालय
शर्मा इलेक्ट्रिकल के संचालक राजीव शर्मा का कहना है कि चौक पर स्थित सार्वजनिक शौचालय खस्ताहाल हो चुका है। टॉयलेट जाने के लिए बाजार में अन्य कोई भी स्थान नहीं है।

नो एंट्री नहीं, वन वे हो ट्रैफिक
गोपाल मेडिकल स्टोर के संचालक अभिषेक शर्मा का कहना है कि सुबह और शाम बाजार से वाहनों की नो एंट्री होने के चलते कारोबार प्रभावित हुआ है। नो एंट्री की बजाय वन वे ट्रैफिक होना चाहिए।

बाजार में रखे जाएं डस्टबिन
खन्ना बुक स्टोर के संचालक अजय खन्ना ने बताया कि बाजार में कहीं भी डस्टबिन नहीं रखे गए हैं। लोग सड़क पर ही गंदगी फैलाते चलते हैं। इसका समाधान होना चाहिए।

सफाई न होने से फैल रही बदबू
कुमार स्वीट्स के संचालक जितेंद्र सूद का कहना है कि सार्वजनिक शौचालय की नियमित सफाई नहीं होने से दिन भर बदबू का सामना करना पड़ता है।

बाईपास से ही गुजर रहे लोग
डिसेंट स्टोर के संचालक दयाराम ने बताया कि अवैध पार्किंग और नो एंट्री के चलते कारोबार बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। अधिकांश लोग बाईपास से ही गुजर रहे हैं।

पानी की नहीं उचित व्यवस्था
सौरभ टेड्रर के संचालक भीम राज गुप्ता का कहना है कि बाजार में पीने के पानी और सार्वजनिक शौचालय की उचित व्यवस्था नहीं होने से कारोबारी परेशान हैं।

तह बाजारियों को कहीं और बैठाओ
हाटेश्वरी ज्वेलर की संचालक सोनिया चौहान ने कहा कि अवैध तौर पर बैठे तह बाजारियों के चलते लोगों का बाजार से गुजरना मुश्किल हो गया है। इन्हें कहीं और बैठाना चाहिए।

Related posts