नैनीखड्ड के पंचायत प्रधान बर्खास्त

चंबा। उपायुक्त संदीप कदम ने ग्राम पंचायत प्रधान नैनीखड्ड सुरेंद्र महाजन को पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 146 के तहत बार-बार कानून का उल्लंघन करने के गंभीर मामले के लिए प्रधान पद से तुरंत निष्काषित करने का आदेश जारी किया है। उपायुक्त ने कहा कि पंचायत प्रधान को पद का दुरुपयोग करके पंचायत निधि हड़पने के लिए 18 अप्रैल को निलंबित किया गया था। वास्तविकता जानने के लिए उपमंडल अधिकारी भटियात को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया था। जांच अधिकारी द्वारा जांच रिपोर्ट कार्यालय में चार नवंबर को सौंपी गई। जांच रिपोर्ट का बारीकी से अध्ययन करने पर विभिन्न आरोप सुरेंद्र महाजन के विरुद्ध सिद्ध पाए गए हैं। इसमें राजकीय प्राथमिक पाठशाला केहलू में सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत प्राप्त अनुदान से शौचालय निर्माण में फर्जी लेखा तैयार करके 20 हजार रुपये की लोक निधि का दुरुपयोग, मनरेगा के अंतर्गत 50 हजार की राशि बिना शुद्धि पत्र के निचला केहलू से उपराला केहलू पक्का रास्ते से बदल कर केहलू में फुटपाथ निर्माण करवाना शामिल है। उपायुक्त ने जांच रिपोर्ट में पाया कि दो लाख रुपये की राशि नैनीखड्ड पंचायत को मेन रोड से टीकरी गांव तक जीप योग्य सड़क निर्माण के लिए जारी की गई थी, लेकिन प्रधान ने अपनी शक्तियों का गलत प्रयोग करके स्वीकृत कार्य की शुद्धि करवाए बिना सड़क को एक किलोमीटर बाद टिकरी की बजाय गांव डडोरा को मोड़ दिया। दोषी प्रधान ने 12वां वित्तायोग के अंतर्गत फर्जी व अनुचित प्रस्तुत करके लोक निधि का दुरुपयोग किया है। उपायुक्त ने कहा कि सुरेंद्र महाजन के प्रधान पद पर रहते हुए 53 हजार रुपये का दुरुपयोग करने का आरोप भी सच साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि आरोपी प्रधान को अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए जो समय दिया गया था, उस समय के अंदर प्रधान ने कोई भी स्पष्टीकरण नहीं दिया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि सुरेंद्र महाजन को अपने पक्ष में कुछ भी नहीं कहना है, इसलिए उन्हें प्रधान पद से निष्काषित कर दिया गया है। उपायुक्त ने बताया कि इसके साथ ही प्रधान के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। अगर उन पर धोखाधड़ी का मामला बनता है तो एफआईआर भी दर्ज करवाई जाएगी।

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