नूरपुर बीएमओ आफिस का रिकार्ड सील

नूरपुर (कांगड़ा)। खुले में फेंकी इक्सपायरी दवाइयों के मामले में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तीन दिन की जांच के बाद गंगथ स्थित नूरपुर बीएमओ ऑफिस का रिकार्ड सील कर दिया है, जिससे स्टॉक रजिस्टर या अन्य रिकार्ड से कोई छेड़खानी न कर सके। हालांकि जांच टीम की ओर से अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि खुले में फेंकी गई एक्सपायरी दवाइयां नूरपुर ब्लॉक की है या किसी अन्य की। लेकिन जांच टीम ने बीएमओ ऑफिस का रिकार्ड खंगाल कर उसकी रिपोर्ट धर्मशाला स्थित सीएमओ कार्यालय में जमा करवा दी है।
जानकारी के अनुसार जांच टीम ने स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों व अस्पतालों को भी जांच के दायरे में ले लिया है। विभाग की टीम नूरपुर इलाके के स्वास्थ्य केंद्रों के साथ-साथ सीएमओ कार्यालय का रिकार्ड भी खंगालेगी। उल्लेखनीय है कि नूरपुर के चिनबा रोड पर आईटीआई के पास झाड़ियों में एक्सपायरी बीपीएल की दवाइयां फेंकी गई थीं। यह दवाइयां किसने फेंकी हैं, इसका पता लगाने के लिए सीएमओ ने जांच टीम बैठा दी है। इसके अलावा बीएमओ के तहत आने वाले अस्पतालों, सीएचसी, पीएचसी व अन्य हेल्थ सेंटरों से इस बैच की बीपीएल दवाइयों की सप्लाई की जानकारी मंगवाई गई है। देखा जाए तो जिला कांगड़ा के अंतर्गत 12 स्वास्थ्य खंड और 7 सिविल अस्पताल हैं। इन्हें सीएमओ ऑफिस से सरकारी दवाइयों की सप्लाई की जाती है। ऐसे में नूरपुर में बरामद एक्सपायरी दवाइयां किस स्वास्थ्य खंड या केंद्र को सप्लाई की गई थीं, इस पर अभी संशय बना हुआ है।

जांच का दायरा बढ़ाया : सीएमओ
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. डीएस गुरंग की मानें तो इस मामले में अभी दावे से कुछ कहना जल्दबाजी होगी। फिलहाल बीएमओ ऑफिस गंगथ की दवाइयों की सप्लाई से संबंधित रिकार्ड सील कर दिया गया है और इसके साथ लगते स्वास्थ्य खंडों व केंद्रों से भी उक्त बैच की सप्लाई का रिकार्ड तलब किया जा रहा है।

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