
शिमला। राजधानी मूसलाधार बारिश के चलते ढली-संजौली बाईपास पर लंबीधार में स्थित एक निर्माणाधीन चार मंजिला भवन जमींदोज हो गया है। सोमवार रात करीब तीन बजे यह हादसा हुआ है। बरसात के चलते हुए भूस्खलन को भवन गिरने का कारण माना जा रहा है। साथ लगते एक और निर्माणाधीन भवन पर भी खतरा मंडराने लग पड़ा है।
प्रदेश विश्वविद्यालय में बतौर लेक्चरर कार्यरत डा. महावीर सिंह का यह निर्माणाधीन भवन है। लंबीधार क्षेत्र में यह भवन बनाया जा रहा था। भवन में चार लेंटर डाले गए थे। रविवार रात से शहर में जारी मूसलाधार बारिश के चलते हुए भूस्खलन से सोमवार रात करीब तीन बजे यह निर्माणाधीन भवन जमींदोज हुआ है। भवन गिरने के चलते मलबा सड़क तक पहुंच गया। भवन गिरने के चलते हुई जोरदार आवाज सुनकर आसपास के काफी लोग रात को मौके पर जुट गए। भवन के निर्माणाधीन होने के चलते हालांकि किसी तरह का जानी नुकसान तो नहीं हुआ है लेकिन लाखों का नुकसान हुआ है। इसके अलावा क्षेत्र में निर्माणाधीन एक और भवन पर भी खतरा मंडरा रहा है।
…
उपमंडलाधिकारी शिमला ग्रामीण ने लिया मौके का जायजा
उपमंडलाधिकारी शिमला ग्रामीण ज्ञान सागर नेगी ने मंगलवार को मौके का निरीक्षण किया। इस दौरान तहसीलदार, पटवारी सहित राजस्व विभाग के कई अन्य अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। उपमंडलाधिकारी ने बताया प्रभावित परिवार को राहत राशि मुहैया करवाई जाएगी। घटनास्थल से सटे अन्य निर्माणाधीन भवनों में रह रही लेबर को वहां से कहीं अन्य शिफ्ट होने के लिए कहा गया है।
मौके पर पहुंचे ढली के पार्षद शैलेंद्र चौहान
मंगलवार को दिन भर ढली के पार्षद शैलेंद्र चौहान भी मौके पर डटे रहे। आसपास के भवनों को कोई नुकसान न हो, इसके लिए तिरपाल आदि से निर्माणस्थल को ढकने में पार्षद ने अपनी टीम के साथ सहयोग किया।
