
बिलासपुर। अखिल भारतीय ग्रामीण डाक सेवक संघ संबंधित एनएफपीआई की बिलासपुर शाखा का अधिवेशन नगर परिषद के हाल में आयोजित किया गया। रविवार को आयोजित इस अधिवेशन की अध्यक्षता परिमंडल सचिव वीरेंद्र शर्मा ने की। जिला बिलासपुर के तकरीबन 150 कर्मचारियों ने इस अधिवेशन में भाग लेते हुए अपनी समस्याओं को लेकर प्रस्ताव पारित किए।
अधिवेशन में ग्रामीण डाक सेवक (जीडीएस) को एक निश्चित समय अवधि में नियमित करना, सरकारी कर्मचारियों का दर्जा देकर सभी देय सुविधाएं प्रदान करने और पेंशन देन की मांग उठाई। बोनस की ऊपरी सीमा 2500 से 3500 बढ़ाना, जीडीएस के सदस्यों के करुणामूलक आधार पर रोजगार प्रदान करने जैसे मानक तैयार किए जाएं। सचिव वीरेंद्र शर्मा ने कहा कि डाक जीवन बीमा, ग्रामीण डाक बीमा मेलों के आयोजन पर जीडीएस कर्मियों को आने- जाने का किराया न मिलने पर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की है कि डाक जीवन बीमा का राजस्व बढ़ाने की दृष्टि से ऐसे मेलों में आने-जाने का खर्चा देना चाहिए। समय रहते उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो आंदोलन होगा। इस अवसर पर मंडलीय प्रबंधक बूटा राम, परिमंडलीय सचिव वीरेंद्र शर्मा, उप परिमंडलीय सचिव कमल किशोर, मंडलीय अध्यक्ष नंद लाल शर्मा, जगत राम, सोहन सिंह, राम सिंह, लालमन, कृष्ण लाल उपस्थित रहे। अधिवेशन में नई कार्यकारिणी का गठन किया गया।
सोहन सिंह बनें जीडीएस के प्रधान
बिलासपुर। ग्रामीण डाक सेवक संघ के इस अधिवेशन में कार्यकारिणी के चुनाव भी करवाए गए। इसमें सेाहन सिंह को अध्यक्ष, रूप सिंह, अमर सिंह और जगदीश चंद को उपाध्यक्ष, बूटा राम को सचिव, दीपेंद्र, बलवीर सिंह को सह सचिव, राजकुमार, राम सिंह, यशपाल और मनसा राम को संगठन सचिव की जिम्मेवारी दी गई। शशिपाल कोषाध्यक्ष, सीता राम सह कोषाध्यक्ष, लालमन आडिटर, नंद लाल शर्मा मुख्य सलाहकार, विक्रम सिंह प्रैस सचिव चुने गए। प्रेम लाल और भूरी सिंह को सदस्य बनाया गया।
