नियमितीकरण की दोहरी नीति से संघ खफा

नगरोटा बगवां (कांगड़ा)। प्राथमिक सहायक अध्यापक संघ के खंड अध्यक्ष रंजीत सियाल ने कहा है कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह अध्यापकों के नियमितीकरण के वायदे शीघ्र पूरा करें। 8 जनवरी 2013 को धर्मशाला में शीतकालीन सत्र के दौरान सीएम ने अध्यापकों से यह वायदा किया था, मगर अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। नगरोटा बगवां खंड इकाई ने अपनी इस मांग को लेकर बैठक का आयोजन किया और आगामी रणनीति बनाई है। शिक्षा विभाग के निर्देशों से डाइट के माध्यम से दो वर्ष का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके पैट अध्यापकों के प्रशिक्षण को अब विभाग शिक्षा के अधिकार का हवाला देकर रद्द कर रहा है, जिससे यह वर्ग अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहा है। इस वर्ग की नियुक्तियां शिक्षा का अधिकार कानून से पूर्व की गई थीं तथा नियुक्तियों के समय शिक्षा विभाग द्वारा प्राथमिक सहायक अध्यापक पद के लिए रखी शैक्षणिक योग्यता को पूरा करने वालों को ही नियुक्त किया गया था। प्राथमिक सहायक अध्यापकों की नियुक्तियां 2003 से 2007 तक सरकार के नियमों के अनुसार की गई थीं। 10-11 वर्ष की सेवा के बाद भी इस वर्ग को नियमित नहीं किया गया है। जबकि, इस वर्ग का 2 वर्ष का प्रशिक्षण डाइट के माध्यम से करवाया जा चुका है। बैठक में रोष व्यक्त किया गया कि शिक्षा विभाग इस वर्ग के 10 वर्ष पूर्ण होने पर अब नई शर्तें थोप रहा है। इसका संघ कड़ा विरोध करता है। संघ सदस्यों ने सवाल किया है कि जब ग्रामीण विद्या उपासक और प्राथमिक सहायक अध्यापकों को एक ही नीति के तहत नियुक्त किए जाने के बावजूद ग्रामीण विद्या उपासकों को डाइट द्वारा प्रशिक्षण दिए जाने के बाद नियमित किया जा सकता है तो प्राथमिक सहायक अध्यापकों को क्यों नहीं? बैठक में मांग की गई कि डाइट के प्रशिक्षण को प्राथमिकता प्रदान करके इस वर्ग को भी शीघ्र नियमित किया जाए। मीटिंग मेें रविंद्र कुमार, सतीश कुमार, जगदीश्वर सिंह, सुरेंद्र, बलवंत, मिलाप चंद, नवल किशोर, शिवानी सूद, नीलम धीमान, सोनू, पवन, विजय, प्रोमिला, राकेश, आशा, नीना, कल्पना, विकास, अशोक कौंडल, संजय, अशोक, सुनीता और सीमा इत्यादि पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे।

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