निदेशालय से कृषि विभाग का उठा भरोसा

रुद्रपुर। जिले के कृषि विभाग का खुद के निदेशालय से भरोसा उठा चुका है। नतीजतन किसानों में वितरण के लिए निदेशालय से मिली खरपतवारनाशी दवा की गुणवत्ता को जांचने के लिए केंद्रीय कीटनाशी प्रयोगशाला चंडीगढ़ भेजा है।
जिले के किसान हर बार कृषि विभाग से फसल बोने के 15 दिन पहले खरपतवारनाशी दवा उपलब्ध कराने की मांग करते हैं। मगर निदेशालय से ही देर से दवा का आवंटन होने से उनकी मुराद पूरी नहीं हो पाती। इससे किसानों को बाजार से महंगे में दवा खरीदना मजबूरी है। इसकी जानकारी विभाग द्वारा निदेशालय को देने के पश्चात वहां से जिले को करीब छह हजार यूनिट खरपतवारनाशी दवा मुहैया करा दी गई है, जो गेहूं मेें लगने वाले खरपतवार गुल्ली-डंडा के प्रकोप को रोकने के काम आएगी। निदेशालय से उपलब्ध कराई गई दवा की गुणवत्ता सही है अथवा नहीं। इसकी जांच के लिए विभाग ने नमूना चंडीगढ़ भेजा है। वहां से नमूना आने के बाद दवा जिले के सभी 27 कृषि निवेश केंद्रों में भेज दी जाएगी। यहां से किसान पचास फीसदी अनुदान पर दवा खरीद सकेंगे। कृषि रक्षा अधिकारी वीपी मौर्या ने बताया कि निदेशालय से दवा मिलने के बाद उसे सुरक्षित स्टोर में रखा गया है। साथ ही गुणवत्ता का मानक जांचने के लिए नमूना लैब भेजा गया है। नमूना पास होते ही दवा वितरण करा दिया जाएगा। बताया कि इन दिनों गेहूं बुबाई चल रही है। ऐसे में अभी दवा डालने के लिए एक माह का समय बचा हुआ है।

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