निजी स्कूलों की मनमानी पर रहेगी निगरानी

धर्मशाला। प्रदेश के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों को बरसात की छुट्टियां देनी ही होंगी। छुट्टियां न देने की सूरत में प्राइवेट स्कूलों की मान्यता को खतरा हो सकता है। प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने सभी प्राइवेट तथा सरकारी स्कूलों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। सभी स्कूलों को निर्धारित शेड्यूल के अनुसार अवकाश देने होंगे।
शिक्षा बोर्ड निजी स्कूलों पर विशेष निगरानी रखेगा। वहीं बोर्ड के इन निर्देशों की अवहेलना करने वालों पर कड़ी कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। शिक्षा बोर्ड धर्मशाला ने सभी प्राइवेट तथा सरकारी स्कूलों को इस बारे में दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार बरसात के मौसम में व अन्य दिनों की निर्धारित छुट्टियों को निर्धारित शेड्यूल के आधार पर न देने पर निजी स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं छुट्टियों में स्कूल खुले होने पर उक्त स्कूल की मान्यता को भी रद किया जा सकता है। इसके अलावा बोर्ड द्वारा स्कूल को जुर्माने का भी प्रावधान रखा गया है। वहीं शिक्षा बोर्ड सचिव राखिल काहलों ने कहा कि मनमानी करने वाले स्कूलों पर निगरानी रखने के लिए बोर्ड के अलावा शिक्षा विभाग के विभिन्न अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।

निगरानी के दिए निर्देश
प्रदेश में विभाग द्वारा छुट्टियां दिए जाने के बावजूद कई निजी स्कूलों में पढ़ाई जारी रहती है। निजी स्कूलों की इस मनमानी को रोकने के लिए शिक्षा बोर्ड ने उन पर निगरानी रखने के लिए अपने अधिकारियों समेत शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।

आज से पड़ेंगी छुट्टियां
विभाग के शेड्यूल के अनुसार ग्रीष्मकालीन स्कूलों में बरसात के मौसम में 25 जून से 30 जुलाई तक 36 दिनों की छुट्टियां होंगी। जबकि दीपावली के पर्व पर छह तथा सर्दी के मौसम की 7 से 16 जनवरी तक 10 दिनों की छुट्टियां होंगी। इस तरह साल में स्कूली छात्रों को कुल 52 दिनों की छुट्टियां दी जाएंगी। जिन्हें सभी स्कूलों द्वारा दिया जाना अनिवार्य किया गया है।

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