
शिमला। हिमाचल प्रदेश हिमालयन बस आपरेटर यूनियन ने प्रदेश सरकार को 26 अगस्त तक का अल्टीमेटम दिया है। इस दौरान यदि सरकार वार्ता के लिए बुलाकर निजी बस आपरेटरों की मांगों को पूरा नहीं करेगी तो एक दिन की सांकेतिक हड़ताल की जाएगी। इसके बाद आगे की रणनीति सितंबर के पहले सप्ताह में ऊना में राज्य कार्यकारिणी की बैठक में बनाई जानी है। शिमला में रविवार को हुई यूनियन की बैठक में किराये में 40 फीसदी बढ़ोतरी और न्यूनतम किराया आठ रुपये करने की मांग की है। इसके अलावा यूनियन ने टैक्स सिस्टम में बदलाव की मांग की है। यूनियन के समन्वय पंकज चौहान ने कहा कि प्रदेश में सड़कों की हालत खराब है। इसके बावजूद एनएच, स्टेट हाइवे, गांव के रास्तों की सड़कों का एक बराबर टैक्स वसूला जाता है। यह सरासर गलत है। इसके साथ ही लाइसेंस देने की प्रक्रिया में सुधार और आरटीए में प्रतिनिधित्व की मांग की है। बैठक में शिमला के अजय जस्टा, रमेश कमल, जगदीश ठाकुर, दुनीचंद लेपटा, वीरेंद्र कंवर, ऊना के राजेश पराशर, पवन ठाकुर, अश्वनी सैणी, मंडी से वीरेंद्र गुलेरिया, भूपिंद्र रावत, कुल्लू से सरचंद ठाकुर, सोलन से प्रताप सिंह, मनोज भगनाल, बिलासपुर से प्रभात चंदेल, रामपुर से खेल चंद नेगी सहित कई निजी बस आपरेटरों ने भाग लिया।
