
घुमारवीं (बिलासपुर)। घुमारवीं से सरकाघाट वाया कुठेड़ा-बलद्वाड़ा सड़क की दयनीय हालत से खफा निजी बस आपरेटरों ने पूर्व में दिए गए अल्टीमेटम के अनुरूप बुधवार को इस रूट पर बसें नहीं चलाई। निजी बस मालिकों की इस हड़ताल के चलते बे-‘बस’ हुए यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। निजी आपरेटरों ने वीरवार को भी बसें न चलाने का निर्णय लिया है।
घुमारवीं-सरकाघाट सड़क के घुमारवीं से बनोहा तक के हिस्से की दुर्दशा है। निजी बस आपरेटरों ने गत सोमवार को उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर बुधवार से इस रूट पर बसें न चलाने की चेतावनी दी थी। ऑपरेटरों ने बुधवार को इस रूट पर बसें नहीं भेजीं। आपरेटरों रवि कुमार, जगदंबा सिंह, संतराम, प्रदीप, कैप्टन सुखलाल शर्मा, जीवन सिंह, अमरजीत सेन, विनोद, कश्मीर सिंह, व्यास देव, सुनील, प्रयागराज, माया देवी, नवीन, अशोक, सुरेंद्र पटियाल, राकेश पटियाल, पवन, राजेंद्र सिंह, बलवंत सिंह, शकुंतला, हरविंद्र सिंह, तेजपाल, संजीव व होशियार सिंह आदि ने कहा कि उनसे टैक्स तो राष्ट्रीय राजमार्ग का वसूला जा रहा है, लेकिन सड़क की हालत खराब है। इसके चलते उन्हें बसें न चलाने का फैसला लेना पड़ा है। बुधवार को 35 बसें इस रूट पर नहीं गई।
बहरहाल, निजी बस आपरेटरों की इस हड़ताल की वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। एचआरटीसी की ओर से अतिरिक्त बसें न भेजे जाने के कारण घुमारवीं बस अड्डा व दकड़ी चौक में लोगों का जमघट लगा रहा। यात्रियों अन्वेश कुमार, उमेश शर्मा, विनोद, रजनीश, वंदना, सीताराम, भागीरथ व कमल किशोर आदि ने कहा कि उन्हें मजबूरन टैक्सियों का सहारा लेना पड़ा। उधर, एचआरटीसी के अड्डा प्रभारी प्यारचंद ने कहा कि लोगों की ऐसी कोई भी शिकायत नहीं मिली, जिसकी वजह से अतिरिक्त बस की व्यवस्था नहीं की गई।
