
हल्द्वानी। नगर निगम में सालों से कुंडली मारकर बैठे बाबू निगम प्रशासन पर भारी पड़ रहे हैं। निगम के मलाईदार अनुभागों में कार्यरत बाबू कुर्सी छोड़ने को तैयार ही नहीं हैं। मुख्य नगर अधिकारी के पटल तबादला विकल्प मांगने के आदेशों को कई बाबुओं ने हवा में उड़ा दिया है। फेविकोल के जोड़ की तरह कुर्सी से चिपके कई बाबुओं ने तबादले का विकल्प भरना तो दूर अब तक फार्म ही जमा नहीं किया है। चंद बाबुओं की मनमानी और दबाव के चलते बाकी अनुभागों में कार्यरत बाबुओं के पटल तबादले भी लटकते नजर आ रहे हैं।
हल्द्वानी नगर निगम में 11 अनुभाग हैं। मार्केटिंग, स्टोर, लाइसेंस, स्वास्थ्य, निर्माण, हाउस टैक्स, नजूल और सामान की खरीद-फरोख्त वाले अनुभागों पर हेराफेरी करने के आरोप लगते आए हैं। इसके बाद हर कर्मचारी इन्हीं अनुभागों में चिपका रहना चाहता है। खासकर, इन अनुभागों में तैनात बाबू कुर्सी छोड़ने को तैयार नहीं होते हैं। मलाईदार अनुभागों में तैनाती के लिए बाबू जुगाड़ लगाते हैं। नगर निगम के अफसरों और जनप्रतिनिधियों पर दबाव भी डलवाते हैं। नियमानुसार कोई भी बाबू पांच साल से अधिक समय तक एक ही अनुभाग में तैनात नहीं रह सकता है। 15 सितंबर 2007 को शहरी विकास निदेशालय के तत्कालीन निदेशक सुब्रत विश्वास ने शासनादेश भी जारी किया है। बावजूद निगम में कई बाबू सालों से कुर्सी से चिपके हैं। मलाईदार अनुभागों के बाबुओं का कई बार पटल तबादला करने का प्रयास हो चुका है। बाबुओं का पटल तबादला तो नहीं हो, लेकिन अफसरों का जरूर हो गया।
मुख्य नगर अधिकारी आरडी पालीवाल ने सभी अनुभागों में कार्यरत बाबुओं और उनके कार्यकाल की जानकारी मांगी है। निगम प्रशासन के मुताबिक अनुभागों में करीब 45 बाबू हैं। 90 फीसदी बाबुओं ने पटल तबादला का विकल्प के साथ फार्म जमा कर दिया है। 10 फीसदी बाबुओं ने फार्म ही जमा नहीं किया है। पटल तबादले के विकल्प के साथ फार्म 17 से 19 जून तक जमा करना था। कुछ बाबुआे के फार्म जमा नहीं होने से पटल तबादले लटकते नजर आ रहे हैं।
बाबुओं के आगे निगम प्रशासन की लाचारी
बाबुओं के आगे निगम प्रशासन की लाचारी साफ झलकती है। मुख्य नगर अधिकारी अनुभागों में कार्यरत बाबुओं का पटल तबादला कर सकता है। मुख्य नगर अधिकारी आरडी पालीवाल भी बाबुओं से सीधा पंगा लेने से बचते नजर आए हैं। उन्होंने सीधे पटल तबादले करने के बजाए बाबुओं से मनपसंद तबादले का विकल्प मांगा है।
बाबुओं के पटल तबादले जून आखिर तक हो जाएंगे। पटल तबादला विकल्प फार्म जमा नहीं करने वाले बाबुओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पटल तबादले होने से निगम की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और तेजी आएगी। – आरडी पालीवाल, मुख्य नगर अधिकारी
