
बिलासपुर। हिमाचल परिवहन निगम डिपो बिलासपुर के करीब एक साल के भीतर एक दर्जन से अधिक बस रूट बंद कर दिए गए हैं। रूट बंद होने से न केवल आम जनता को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। यहां तक स्कूली बच्चों को सरकार द्वारा शुरू की गई निशुल्क बस यात्रा योजना का भी लाभ नहीं मिल रहा है। जानकारी के अनुसार हिमाचल पथ परिवहन निगम के बस रूट बंद होने का कारण परिचालकों की कमी माना जा रहा है। यहां तक कि निगम में अन्य कर्मचारियों के भी कई पद रिक्त पड़े हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक बिलासपुर डिपो में डाबर-शिमला, नेरी-शिमला, बिलासपुर-नंगल, समैला-शिमला, बिलासपुर-धर्मशाला, बिलासपुर-चंडीगढ़, बिलासपुर-लठियाणी, घुमारवीं-होशियारपुर, बिलासपुर-कुहघाट, शिमला-गलोड़, बिलसपुर-डाबर, बिलासपुर-द्रोबड़ बस रूट एक बर्ष से अधिक की समय अवधि से बंद पड़े हुए हैं। स्थानीय लोग इन बस रूटों को बहाल करने के लिए कई बार सरकार, विभाग से मांग कर चुके हैं। इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
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अन्य कर्मचारी भुगत रहे खामियाजा
बिलासपुर। एचआरटीसी में रिक्त पदों का खामियाजा अन्य कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है। डिपो के बुकिंग एजेंट और बस चालक को कई बार परिचालक की ड्यूटी बजानी पड़ रही है।
स्टाफ की खल रही कमी : आरएम
बिलापुर। स्टाफ की कमी के चलते बस रूट बंद हुए हैं। कुछेक बस चालकों व अन्य कर्मचारियों से मजबूरी में बस कंडक्टरों काम भी लेना पड़ रहा है।
– संतोष, क्षेत्रीय प्रबंधक एचआरटीसी बिलासपुर।
