निकल गई लास्ट डेट, अपडेट नहीं ऑनलाइन डाटा

शिमला। बिजली कंपनी की लापरवाही हजारों उपभोक्ताओं पर भारी पड़ गई है। बिजली बिल जमा करवाने की आखिरी तारीख खत्म हो गई है, लेकिन ऑनलाइन बिल पेमेंट का डाटा अभी तक अपडेट नहीं हुआ है। अब सरचार्ज के दस से बीस रुपये चुकाने होंगे। ‘अमर उजाला’ ने 27 जून के अंक में ‘आफत बना ऑनलाइन बिल’ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर इस समस्या से बिजली कंपनी के अधिकारियों को अवगत भी कराया था। उस दौरान अधीक्षण अभियंता ने आखिरी तारीख से पहले डाटा अपडेट करने का आश्वासन दिया, लेकिन कंपनी के कर्मियों ने अधिकारी के आदेशों को दरकिनार करते हुए डाटा अपडेट नहीं किया। राजधानी में करीब एक लाख बिजली उपभोक्ता हैं। इनमें से करीब दो हजार उपभोक्ता ऑनलाइन बिजली बिल जमा करवाते हैं।

हम क्यों चुकाए सरचार्ज
कनलोग के पवन शर्मा, महेश गुप्ता और करण चौहान ने कहा कि बिजली कंपनी की गलती का खामियाजा क्षेत्र के लोग क्यों उठाएं। इस गलती का खामियाजा कंपनी को चुकाना चाहिए। सरचार्ज उपभोक्ताओं की बजाय बिजली कंपनी को उठाना चाहिए।

एडवांस होने का क्यों कर रहे दावा
लोगों का आरोप है कि बिजली कंपनी एडवांस होने का दावा करती है लेकिन शहर में तय समय पर ऑनलाइन बिल पेमेंट के लिए व्यवस्था नहीं कर पा रही। ऐसे में कंपनी को झूठे दावे करने की बजाय काउंटर पर ही बिल जमा करवाने की सुविधा देनी चाहिए ताकि लोग भ्रमित न हों और काउंटर पर जाकर घंटों लाइन में ही खड़े हों।

कोताही बरतने पर होगी कार्रवाई
बिजली कंपनी के अधीक्षण अभियंता सीके चतुर्वेदी ने कहा कि सिर्फ कनलोग क्षेत्र का डाटा अपडेट नहीं हो सका है। शेष शहर का डाटा समय रहते अपडेट किया गया है। फिर भी सभी कर्मियों को सख्त आदेश दिए गए हैं कि बिल वितरित करने के बाद दो दिन के भीतर डाटा अपडेट किया जाए। अगर कोई कर्मी कोताही बरतता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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