नाले में बाढ़, 370 भेड़-बकरियां बहीं

साहो (चंबा)। साहो की निकटवर्ती रजींडू पंचायत में मंगलवार रात हुई तेज बारिश से करोसन नाले पर अचानक उफान आ गया। अचानक बढ़े जलस्तर से 370 भेड़-बकरियां बह कर मर गई हैं। जानकारी के अनुसार क्षेत्र के करीब डेढ़ दर्जन पशुपालकों ने भेड़-बकरियां करोसन नाले के साथ लगती चारगाह में चरने के लिए छोड़ी गई थीं और रात को वे नाले के किनारे आराम कर रही थीं कि नाले में पानी का जलस्तर बढ़ने से इसकी चपेट में आ गई। बाढ़ में बहकर आए मलबे और पेड़ों ने भेड़-बकरियों को अपनी चपेट मेें ले लिया। ग्रामीणों के अनुसार उस समय करीब पांच सौ भेड़-बकरियां आराम कर रही थीं। इनमें से कुछ ही बाढ़ में बहने से बच पाईं हैं और अधिकतर पानी में बह गईं है। इनके साथ मौजूद चरवाहे सही सलामत हैं। उधर, घटना की सूचना मिलते ही पटवारी और कानूनगो ने मौके का दौरा किया। अभी तक सिर्फ पांच भेड़-बाकरियों के शव नाले में करीब सात किमी. आगे तक मलबे में दबे हुए मिले। बाकी शव नहीं मिल पाए हैं। इनकी तलाश जारी है। उधर, मौके पर ही पशु चिकित्सक से शवों को पोस्टमार्टम करवाया गया है। पंचायत के पूर्व प्रधान मेहरदीन ने बताया कि करोसन नाले में हर साल तेज बहाव आता है। उन्होंने कहा कि इस नाले के पास चर रही भेड़-बकरियों को बुधवार को हटाया जाना था, मगर मंगलवार रात दो बजे के करीब अचानक नाले में बाढ़ आ गई। इसने किनारे पर आराम कर रही करीब पांच सौ भेड़-बकरियों को चपेट में ले लिया। इनमें से लगभग 370 भेड़ें बह गई हैं। ये भेड़-बकरियां स्थानीय निवासियों भोट, जर्मो, उम्रदीन, शुक्रदीन, बिक्रमो, बुद्धिया, मुस्सा, फतह मोहम्मद, प्रेमू, रसीलू, ज्ञानू, याकुब, मोहम्मददीन, ठाकरू, शेख मोहम्मद और सत्तो की थीं। इन्होंने इन्हें परमिट के तहत किसी ओर को चराने के लिए दिया हुआ था। इस अवसर पर रजींडू के प्रधान श्रवण कुमार भी मौजूद थे। उधर, तहसीलदार चंबा मनोज कुमार ने बताया कि अभी तक लापता भेड़-बकरियों की संख्या की सही जानकारी नहीं मिल पाई है। नाले में से सिर्फ पांच शव ही मिल पाए हैं। उन्होंने कहा कि पंचायत के जानवरों की जनगणना और वन विभाग की ओर से दिए जाने वाले ग्रेजिंग परमिट के आधार पर ही इनकी सही संख्या की जानकारी मिल पाएगी। इसके लिए छानबीन के निर्देश दिए गए हैं।

Related posts