नारकंडा को टीसीपी में लेने का विरोध

कुमारसैन (शिमला)। प्रदेश सरकार की ओर से नारकंडा को टाउन एंड कंट्री प्लानिंग में शामिल करने पर क्षेत्र के लोग उग्र हो गए हैं। लोगों ने साफ कर दिया है कि सरकार ने अपना फैसला वापस नहीं लिया तो वे सड़कों पर उतर कर उग्र आंदोलन करने को मजबूर हो जाएंगे। इस बारे में नगर पंचायत नारकंडा ने प्रदेश सरकार को एक प्रस्ताव भी पास कर भेजा है।
उल्लेखनीय है कि अगर नारकंडा को टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के तहत लाने से नगर पंचायत नारकंडा, मधावनी और सीहल पंचायत का कुछ भाग भी इस दायरे में आ जाएगा, लेकिन क्षेत्र के लोग ऐसा नहीं चाहते हैं। नगर पंचायत नारकंडा के अध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा ने क्षेत्र के लोगों के साथ इस संबंध में एक विशेष बैठक भी की। बैठक में सभी ने इसका कड़ा विरोध किया है। वहीं प्रदेश सरकार से मांग की है कि क्षेत्र को इस दायरे में न लिया जाए। बैठक के बाद इस बारे में प्रदेश सरकार को एक प्रस्ताव भी भेजा गया।
नगर पंचायत नारकंडा के अध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा, उपाध्यक्ष रमेश राजटा, पार्षद हिमांशू शर्मा, रेखा मानटा, सूरजमणी, कान चंद, अमित श्याम, मधावनी पंचायत प्रधान रोशन लाल, उपप्रधान बृजेश कैथला, सीहल पंचायत उपप्रधान दिला राम, सुभाष कैथला, खेम चंद और नरेश कैथला आदि लोगों ने कहा है कि टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के तहत कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जबकि यह क्षेत्र एक ग्रामीण क्षेत्र है। जहां पर इसे लाकर क्षेत्रवासी अपने लिए समस्या खड़ी नहीं करना चाहते हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की है कि क्षेत्र को टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के दायरे में न लाया जाए। लोगों ने साफ कर दिया है कि अगर सरकार ने अपना फैसला वापस नहीं लिया तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इसकी जिम्मेवारी सरकार की होगी

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