
नाचनी। लगातार हो रही बारिश से उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित नामिक को जोड़ने वाले तमाम रास्ते बंद हो गए हैं। नामिक में राशन के साथ ही केरोसिन समाप्त हो गया है। पोस्टल सेवा भी ठप हो गई है। रामगंगा के कटाव से दो मकान खतरे की जद में आ गए हैं।
द्वालीगाड़ से नामिक तक 28 किमी हिस्से में पैदल रास्ता क्षतिग्रस्त हो गया है। होकरा से नामिक जाने वाला 16 किमी मार्ग बंद जगह जगह ध्वस्त है। सामा (बागेश्वर) से नामिक जाने वाला रास्ता बंद होने से लोगों की दिक्कत और बढ़ गई है। नामिक के 118 परिवार संकट में आ गए हैं।
नामिक की ग्राम प्रधान तुलसी देवी ने सेटेलाइट फोन से अमर उजाला को बताया कि राशन और मिट्टी तेल न होने से लोग भारी परेशानी में आ गए हैं। दो महीने से गांव में बिजली नहीं है। रामगंगा के कटाव से गोविंद सिंह और खुशाल सिंह के मकान खतरे में आ गए हैं। दोनों परिवारों को राजीव गांधी सेवा केंद्र में शिफ्ट कर दिया गया है। प्रधान ने बताया कि धूप न होने से सेटेलाइट फोन भी चार्ज नहीं हो पा रहा है। उन्होंने हेलीकाप्टर से राशन और मिट्टी का तेल डंप करने की मांग की है।
