नहीं हो पाया जिला सहकारी बैंक का गठन

चंपावत। जिले का गठन हुए 15 सितंबर को 16 वर्ष पूरे हो जाएंगे, लेकिन अभी तक यहां जिला सहकारी बैंक का गठन नहीं हो पाया है। सारी व्यवस्थाएं आज भी पिथौरागढ़ से संचालित हो रही हैं। जिला सहकारी बैंक खोलने के लिए कई स्तर पर प्रयास हो चुके हैं, लेकिन शासन से इसकी मंजूरी नहीं मिल पा रही है।
सहकारी बैंकों के माध्यम से जिलों में सहकारी आंदोलन को आगे बढ़ाने, मिनी बैंकों का संचालन तथा बैंक की शाखाओं का संचालन होता है। चंपावत अलग जिला बनने से पहले पिथौरागढ़ से ही सहकारी बैंक के कामकाज संचालित होते थे। जिला गठन के बाद शासन ने अन्य ढांचागत सुविधाओं का विस्तार तो किया, लेकिन सहकारी बैंक के गठन की कोई पहल नहीं की। चंपावत जिले में सहकारी बैंक की नौ शाखाएं संचालित होती हैं। इनका समस्त प्रशासनिक कामकाज पिथौरागढ़ से ही चल रहा है।
जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष और चंपावत निवासी हयात सिंह माहरा ने अपने कार्यकाल के दौरान जिला सहकारी बैंक के गठन की पहल की थी। उन्होंने सर्वे रिपोर्ट, अलग इकाई बनने पर होने वाले फायदों का पूरा ब्योरा शासन को भेजा था। यही नहीं उन्होंने जिला सहकारी बैंक के गठन के बाद जिले में सहकारिता आंदोलन को गति मिलने की भी उम्मीद जताई थी। बाद में बैंक के निवर्तमान प्रशासन हयात चंद ने भी कार्यभार ग्रहण करते ही इस दिशा में कोशिश शुरू की थी पर उनको भी कामयाबी नहीं मिल पाई

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