नहीं सुलझी विश्वनाथ की मौत की गुत्थी

जवाली (कांगड़ा)। पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेलमार्ग पर स्थित जबांवाला रेलवे स्टेशन (जवाली) पर बने रेलवे के शौचालय के पास 25 सितंबर को मिली लाश अभी तक एक अनसुलझी पहेली बनी हुई है। दो दिन बीत जाने के उपरांत भी पुलिस के हाथ अभी तक कोई अहम सुराग नहीं लग पाया है।
शुक्रवार को शिमला रेलवे एंड ट्रैफिक पुलिस के आईजी सुरेंद्र वर्मा व डीएसपी जवाली धर्म चंद वर्मा ने जबांवाला रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर उक्त जगह का मुआयना किया तथा मृतक के ससुराल वालों की तरफ से आए लोगों के बयान कलमबद्ध किए। रेलवे स्टेशन जबांवाला पर पहुंचे मृतक के ससुर हरबंस सिंह, पत्नी बिंदू बाला, पंचायत प्रधान ढन रूप रानी सहित अन्य ने आरोप लगाया है कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या है। उन्होंने रोष प्रकट करते हुए कहा कि मृतक विश्वनाथ (28) के पास से मिली चूहे मारने वाली दवाई का सील्ड पैकेट व जेब से मिला लैटर इस बात को दर्शाता है कि विश्वनाथ की हत्या की गई है। विश्वनाथ की पत्नी बिंदू बाला व ससुर का कहना है कि मृतक की जेब से जो लैटर मिला है, वह उसकी की ही लिखावट में है। पत्नी, ससुर सहित सुसराल पक्ष वालों ने कहा कि पत्र में जिन लोगों के नाम लिखे गए हैं, उनको गिरफ्तार करके पुलिस उनसे सख्ती से पूछताछ करे तो खुद ही इसकी सच्चाई का पता चल जाएगा। सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि रेलवे पुलिस ने 174 सीआरपीसी के तहत केस दर्ज कर लिया है तथा छानबीन जारी है। आईजी रेलवे एंड ट्रैफिक पुलिस सुरेंद्र वर्मा का कहना है कि अभी तक यह भी मालूम नहीं हो पाया है कि जहां पर लाश मिली है, वह क्षेत्र रेलवे ट्रैक की परिधि में आता है या फिर जिला की परिधि में। उन्होंने कहा कि फिलहाल चाहे उक्त क्षेत्र हिमाचल पुलिस या रेलवे पुलिस में से किसी के भी अधीन क्यों न हो, दोनों पुलिस मिलकर इस केस को सुलझाने में अपने-अपने तौर पर गहनता से छानबीन कर रही हैं।

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