नहीं मिल रही पीड़ितों को रसोई गैस

मदकोट (पिथौरागढ़)। सरकार, सरकारी तंत्र आपदा प्रभावितों को हर सुविधा देने के दावे कर रहा है, लेकिन वास्तविकता यह है कि आपदा प्रभावितों को रसोई गैस की सप्लाई तक नहीं हो रही है। जंगल से लकड़ी बीनकर आपदा प्रभावित भोजन बना रहे हैं। आपदा प्रभावितों ने रसोई गैस उपलब्ध न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
मदकोट क्षेत्र में 16 जून के जलप्रलय के बाद जुलाई महीने में केवल एक बार रसोई गैस की सप्लाई की गई है। उसके बाद रसोई गैस की सप्लाई नहीं हुई है। मदकोट बाजार में ही 400 के करीब उपभोक्ता हैं। इतने ही उपभोक्ता ग्रामीण क्षेत्रों में हैं। जलप्रलय के दौरान मदकोट में एक दर्जन से अधिक मकान गोरी नदी में समा गए थे। प्रभावित परिवार सीरिंग कंपनी के गेस्टहाउस में शरण लिए हुए हैं। घरबार गवां चुके लोग अब रसोई गैस न होने की दिक्कत झेल रहे हैं।
आपदा प्रभावित चरण सिंह महरा, भगत सिंह, दिनेश सिंह, जगत सिंह ने कहा कि किसी के पास भी रसोई गैस नहीं है। जंगलों से लकड़ी लाकर भोजन बनाना पड़ रहा है। इन लोगों ने कहा कि तीन दिन के भीतर रसोई गैस की सप्लाई नहीं की जाती है तो आंदोलन छेड़ दिया जाएगा। धारचूला के गैस प्रभारी एनएस रखोला कहते हैं कि सड़क क्षतिग्रस्त होने से सप्लाई में दिक्कत आई है। दो दिन के भीतर मुनस्यारी के रास्ते गैस भिजवाई जाएगी।

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