
रामपुर बुशहर। मुख्यमंत्री के दौरे से आस लगाए बैठे रामपुर के लोगों के हाथ मायूसी ही लगी। मुख्यमंत्री ने न तो रामपुर को जिला बनाने के बारे में कोई आश्वासन दिया और न ही रामपुर में इंजीनियरिंग कालेज खोलने की घोषणा की। लोगों को उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री रामपुर आने पर जिला बनाने की घोषणा करेंगे। रामपुर में इंजीनियरिंग कालेज खोलने सहित क्षेत्र के लिए अन्य घोषणाएं करेंगे लेकिन ऐसा कुछ नहीं हो पाया। इधर, सीएम का इसके बारे में कहना था कि हर गांव, पंचायत और जिले में रह रहे सभी लोगों की उम्मीदों को पूरा करना संभव नहीं है।
मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार रामपुर आए वीरभद्र सिंह से लोगों को इंजीनियरिंग कालेज, चाट्टी पुल का निर्माण, पार्किंग निर्माण और रामपुर को जिला बनाने के अलावा यहां बाइपास के निर्माण की घोषण की आस थी। लेकिन, ऐसा नहीं हुआ। लोगों की उम्मीदों को उस समय झटका लगा जब मुख्यमंत्री ने कहा कि रामपुर को जिला बनाना उनकी अंतिम प्राथमिक ता में है। वह भी अगर जरूरत पड़ी तो। हालांकि, इस दौरान उन्होंने ननखड़ी कालेज को अलग भवन बनाने के लिए बजट का प्रावधान करने की बात कही। कहा कि टिक्कर-खमाड़ी सड़क को एक बार में पक्का किया जाएगा। इसके लिए बजट का प्रावधान किया गया है। इन घोषणाओं को छोड़कर मुख्यमंत्री रामपुर के लिए कोई बड़ा ऐलान नहीं कर पाए।
