
जोशीमठ। गढ़वाल कमिश्नर डीएस गर्ब्याल को सोमवार को गोविंदघाट और जोशीमठ के आपदाग्रस्त क्षेत्रों में आपदा राहत कार्यों और पुनर्वास के निरीक्षण के लिए पहुंचना था, लेकिन वे नहीं पहुंचे। बाद में जिलाधिकारी ने गोविंदघाट और पांडुकेश्वर में आपदा प्रभावितों और अधिकारियों के साथ बैठक कर बेघर हुए ग्रामीणों को शीघ्र पुनर्वास का भरोसा दिलाया।
जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन ने कहा कि राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कहा कि जिस क्षेत्र में राहत सामग्री की आवश्यकता है, वहां शीघ्र भेजी जाएगी। प्रभावितों ने गोविंदघाट से भ्यूंडार तक पैदल रास्ते के निर्माण की मांग उठाई। इस पर डीएम ने लोनिवि को शीघ्र रास्ते के क्षतिग्रस्त भागों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। गोविंदघाट में पेयजल समस्या दूर करने की मांग उठाई गई। पांडुकेश्वर के बेघर ग्रामीणों को डाडों नामक स्थान पर फेब्रीकेटेड घर का निर्माण किया जाएगा। योग बदरी संघर्ष समिति के सदस्यों ने जिलाधिकारी को छह सूत्री मांग पत्र सौंपा। इससे पूर्व डीएम ने हेलीकॉप्टर से बदरीनाथ धाम पहुंचकर आपदा राहत का निरीक्षण किया।
इस मौके पर रघुवीर सिंह चौहान, भरत सिंह, विजेंद्र सिंह, प्रताप सिंह, गोदावरी भंडारी, माहेश्वरी शर्मा, लीला देवी, आलोक पंवार, परमजीत सिंह, गोविंद सिंह राणा, आलोक पंवार आदि मौजूद थे।
