
गोहर (मंडी)। जिला मंडी की जंजैहली घाटी में नरभक्षी तेंदुए के लगातार हमलों से ग्रामीण घरों से बाहर निकलने से डर रहे हैं। शाम ढलते ही लोग घरों में दुबक जाते हैं। आदमखोर तेंदुए के भय से लोग दिन के समय भी अकेले इधर-उधर जाने से कतरा रहे हैं। महिलाएं भी खेतों और घासनियों में नहीं जा रही हैं। एक माह के भीतर आदमखोर तेंदुए ने तीन लोगों को मौत के घाट उतारने और दो लोगों को गंभीर रूप से घायल करने की घटना ने पूरी जंजैहली घाटी को हिला कर रख दिया है। क्षेत्र में आदमखोर तेंदुए से लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है। स्कूल जाने वाले बच्चों के अभिभावक भी काफी चिंतित है। गत सोमवार को तेंदुए ने बनौलीधार गांव में एक व्यक्ति पर घर के आंगन में ही हमला कर दिया है।
वन विभाग की ओर से क्षेत्र में शूटरों की टीम तैनात की गई है। हैदराबाद से आए शूटर क्षेत्र में अन्य तेंदुए को मार गिराने के लिए जगह-जगह घात लगा रहे हैं। मंगलवार को लंबाथाच और थुनाग के बीच शूटरों ने तेंदुए की तलाश की। हालांकि, शूटर गत दिनों लंबाथाच में एक तेंदुए को मार चुके हैं, लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि मारा गया तेंदुए नरभक्षी ही है। विभाग भी फोरेंसिक रिपोर्ट आने का इंतजार कर रहा है। जंजैहली घाटी के अलावा जिले के चैलचौक, लूणापानी, रिवालसर, पंडोह और सराज के अन्य क्षेत्रों में भी तेंदुए की दहाड़ से लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। वन विभाग के डीएफओ पीडी डोगरा का कहना है कि शूटरों की टीम क्षेत्र में तैनात हैं। विभाग की ओर से अभियान जारी है।
