
घुमारवीं (बिलासपुर)। नगर परिषद घुमारवीं में हाउस टैक्स की उगाही मुश्किल हो गई है। पिछले कई साल से कुछ लोग हाउस टैक्स नहीं दे रहे। नगर परिषद के लगभग 63 लाख रुपए हाउस टैक्स के रुप में ही फंसे हुए हैं। शहर के कई लोगों ने हाउस टैक्स देने से कन्नी काट ली है। उधर, शहरियों का भी तर्क है कि जब सुविधा नहीं मिल रही तो हाउस टैक्स किस बात का। हालात यह है कि कागजों में तो कई इलाके शहरी क्षेत्रों में है। हाउस टैक्स भी शहरी क्षेत्र की तर्ज पर वसूला जा रहा है। लेकिन, सुविधाएं ग्रामीणों जैसी भी उपलब्ध नहीं है।
सात वार्ड वाली नगर परिषद में हाउस टैक्स नहीं मिलने से नगर परिषद की माली हालत पतली हो चली है। आर्थिक तंगहाली के दौर से गुजर रही नगर परिषद को विकास करवाना मुश्किल हो गया है। नगर परिषद ने हाउस टैक्स की उगाही के लिए सख्ती बरतने की भी बात कही है, किंतु शहरियों ने भी दो टूक कहा है कि पहले सुविधा बढ़ाओ फिर टैक्स दिया जाएगा। शहर के रूप लाल, रोशन लाल, कृष्णु राम शर्मा, श्रवण कुमार, सुभाष शर्मा ने कहा कि शहर में विकास के नाम पर कुछ नहीं हो रहा है। ऐसे में हाउस टैक्स किस नाम का। सुविधा तो ग्रामीणों जैसी भी नहीं दी जा रही।
भझाहो, जकड़ी, टिकड़ी, हारकुमार, कल्याणा, बडु जैसे इलाके अभी तक सड़क से तक नहीं जुड़ पाए। कई इलाकों में पेयजल की भी कि ल्लत है। बरसात होने पर तो पूरे शहर में पानी की सप्लाई ठप हो जाती है। कूड़ेदानों की बेहतर व्यवस्था नहीं होने के साथ-साथ नगर परिषद इलाके में विकास के लिए खास नहीं कर पाई। कई वार्डों के रास्ते अभी कच्चे पडे़ हुए हैं।
नगर परिषद घुमारवीं के कार्यकारी अधिकारी विनोद कुमार शर्मा ने कहा कि लगभग 63 लाख रुपए हाउस टैक्स के रूप में फंसे हैं। इनकी वसूली के लिए सख्ती बरती जाएगी। नगर परिषद के हाउस की बैठक में भी इस मामले को रखा जाएगा। नप की आर्थिक स्थिति का और मजबूत किया जा सके।
