
बिलासपुर। नगर परिषद बिलासपुर में कार्यरत कर्मचारियों और पेंशनरों को वेतन के लाले पड़े हैं। कर्मियों और पेंशनरों को जून का वेतन नहीं मिला है। इस पर गुस्साए कर्मियों ने अब पेन डाउन पर जाने का निर्णय लिया है। इस बारे नगर परिषद कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को पत्र लिखा है। इसमें हड़ताल पर जाने का ऐलान किया गया है।
नगर परिषद बिलासपुर अपने कर्मचारियों की सैलरी, पेंशनरों की पेंशन देने में असहाय हो गई है। पेंशनरों को जहां पिछले चार माह से पेंशन की अदायगी नहीं हो पाई है। नगर परिषद में कार्यरत कर्मचारी, अधिकारी भी अपनी सैलरी को तरस गए हैं। जून-जुलाई का वतन कर्मियों को नहीं मिला है। नप में 28 पेंशनरों, 42 कर्मचारियों को सैलरी नहीं दे पा रही है।
संघ के प्रधान राजेश कुमार ने कहा कि नगर परिषद के कर्मचारियों को अभी तक जून के वेतन की अदायगी अभी तक नहीं हो पाई है। इससे की कर्मचारियों को आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है। कर्मचारियों के घर में राशन नहीं है। बच्चों की फीस जमा करवाने तक के पैसे भी नहीं है। बिजली के कनेक्शन कटने को हैं। प्रधान ने नप के कार्यकारी अधिकारी से कर्मचारियों की आर्थिक हालत को देख कर इस बारे में उच्च अधिकारियों से वार्ता करके कर्मचारियों का वेतन अदा करने के बारे में कहा है। अगर जून, जुलाई के वेतन की अदायगी नगर परिषद के कर्मचारियों को नहीं गया तो कर्मचारी हड़ताल पर चले जाएंगे।
नगर परिषद बिलासपुर की मासिक आय करीब डेढ़ लाख रुपये है। जबकि मासिक सेलरी ही 15 लाख के करीब बनती थी। एक दशक पूर्व जब नगर परिषद को एंट्री टैक्स से बेहतर आय होती थी। अब इस टैक्स को भी बंद कर दिया गया। 2002 में एंट्री टैक्स की बोली 54 लाख में हुई थी। अब नगर परिषद की सेलरी राशि ही पूरी नहीं हो पा रही है।
नप अध्यक्षा रजनी शर्मा ने कहा कि कर्मचारियों को वेतन के लिए 15 लाख रुपये जुटाना मुश्किल है। आय के साधन सीमित होने से यह मुश्किल है। सरकार को चाहिए कि नप कर्मचारियों को भी सरकार की ओर से ही वेतन दिया जाए।
