
देहरागोपीपुर (कांगड़ा)। हिप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से नगर पंचायत देहरा को नोटिस भेजे जाने से हड़कंप मच गया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नोटिस के जरिये नगर पंचायत को चेताया है कि नगर पंचायत का कोई वाहन शहर का कूड़ा-कर्कट ब्यास नदी के किनारों पर फेंकता पकड़ा जाता है तो एक लाख रुपये का जुर्माना होगा। नगर पंचायत का कोई अधिकारी मौके पर पाया जाता है तो उस पर भी 25 हजार का जुर्माना हो सकता है। नोटिस मिलने के बाद नगर पंचायत पसोपेश में है।
ऐसे में नपं अधिकारियों और कर्मचारियों को सूझ नहीं रहा है कि शहर के कूड़े-कर्कट को कहां पर ठिकाने लगाया जाए। जुर्माने के डर से नपं ने घरों से आगे से रोजाना कूड़ा-कर्कट उठाना बंद कर दिया है और जो थोड़ा बहुत उठाया है, वह नपं की ट्रैक्टर ट्रालियों में जमा है। माना जा रहा है कि यदि एक-दो दिन के भीतर शहर के कूड़े को ठिकाने लगाने के लिए कोई स्थान नहीं मिला तो कूड़े के सड़ने से फैली बदबू से लोगों का सड़क और गलियों से गुजरना मुश्किल हो जाएगा। बताया जा रहा है कि इससे पहले नपं ब्यास नदी के आसपास की भूमि पर कूड़े को फेंककर शहर की साफ-सफाई की जिम्मेदारी का निर्वाह कर रही था। लेकिन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का नोटिस मिलने के बाद नपं कार्यालय पसोपेश में है। समस्या से निजात के लिए नपं देहरा के जनप्रतिनिधियों ने शनिवार को एसडीएम देहरा से मिलने का कार्यक्रम बनाया है। एसडीएम से मांग की जाएगी कि शहर के कूड़े को ठिकाने लगाने के लिए सरकारी जमीन मुहैया करवाई जाए।
उधर, इस बारे में नगर पंचायत देहरा के उपाध्यक्ष सुरेंद्र ठाकुर ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का नोटिस मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि नपं का एक प्रतिनिधिमंडल एसडीएम देहरा से मिलकर समस्या को उठाएगा
