
शिमला

बाजार में सीमेंट बैग की कीमत 335 रुपये हैं जबकि नगर निगम ठेकेदारों को 240 रुपये में सीमेंट देता है। अगर ठेकेदार स्वयं बाजार से सीमेंट खरीदते हैं तो नगर निगम उन्हें बकाया नहीं लौटाता। ऐसे में सीमेंट समाप्त होने पर ठेकेदार भी हाथ पर हाथ धरकर बैठ गए हैं।
नगर निगम एक सप्ताह से सप्लाई आने का आश्वासन दे रहा है लेकिन सप्लाई अभी तक आई नहीं है। शहर में डंगे व ड्रेनेज सहित पार्किंग का काम पूरा करने के लिए इस समय करीब तीन हजार सीमेंट बैग चाहिए।
सीमेंट की कमी से पार्षद भी परेशान
ढली वार्ड के पार्षद शैलेंद्र चौहान ने बताया है कि सीमेंट की कमी के चलते मशोबरा और ढली में काम बंद पड़े हैं। सब्जी मंडी से हिमगिरी कालोनी तक डंगे और नालियां बनाई जानी हैं। छोटा शिमला के पार्षद सुरेंद्र चौहान का कहना है कि विकासनगर, देवनगर में सीमेंट न होने से ठेकेदारों का काम रुक गया है।
खलीनी के पार्षद प्रवीण कुमार, कनलोग के पार्षद आलोक पठानिया, टुटीकंडी की पार्षद उमा कौशल, चम्याणा के पार्षद नरेंद्र ठाकुर, मल्याणा के पार्षद कुलदीप ठाकुर ने भी सीमेंट की कमी से विकास कार्य थमने की बात कही है।
सप्लाई आते ही करेंगे वितरण: गुप्ता
भवन एवं मार्ग शाखा के अधिशासी अभियंता एचके गुप्ता ने कहा है कि सीमेंट की सप्लाई के लिए धनराशि जमा करवा दी है। जैसे ही सप्लाई आएगी, ठेकेदारों को वितरण कर देंगे।
