
कुछ नकलचियों ने बाजार में एचएमटी के नाम से डुप्लीकेट घड़िया उतार दी हैं। बाजार में नकली घड़ी के आने से कंपनी के कारोबार पर प्रतिकूल असर पड़ने लगा है।
इस तरह का मामला एचएमटी के 28 साल के इतिहास में पहली बार सामने आया है। गुजरात के राजकोट और नई दिल्ली के दरियागंज में डुप्लीकेट घड़ी बनाने के बाद उत्तराखंड में सप्लाई की जा रही है।
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शुरुआती कीमत सौ रुपये
इनकी शुरुआती कीमत सौ रुपये है, जबकि असली एचएमटी घड़ी की प्रारंभिक कीमत 350 रुपये से कम है ही नहीं। यदि ब्रांडेड एचएमटी घड़ी खरीदने की सोच रहे हैं तो सावधान रहें।
एचएमटी कंपनी सूत्रों के मुताबिक असली घड़ी, कारखाने के अलावा देशभर के करीब 20 चुनिंदा शोरूम और डाक विभाग में लगाए गए स्टालों पर ही उपलब्ध है। आम दुकानों में एचएमटी की घड़ी बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं है।
कंपनी के नाम से नकली घड़ियां
इधर, कंपनी के वर्किंग सुपरवाइजर गणेश दत्त भट्ट ने उच्चाधिकारियों को जो रिपोर्ट भेजी है, वह चौंकाने वाली है। उनके मुताबिक रुद्रपुर, काशीपुर, हल्द्वानी, रामनगर, देहरादून में बड़े पैमाने पर कंपनी के नाम से नकली घड़ियां बेची जा रही हैं।
इधर, कंपनी उत्तरी जोन मार्केटिंग कोऑर्डिनेडर नरेश कुमार कालरा ने रिपोर्ट मिलने की पुष्टि की। साथ ही बताया कि अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, हरिद्वार में भी इस तरह की डुप्लीकेट घड़ियां बिकने की शिकायत मिली है। इससे घड़ी कारोबार प्रभावित हो रहा है।
