नकारा नगर परिषद का प्रस्ताव

सोलन (मोहिन भारद्वाज)भवन निर्माण की प्लाटिंग (नक्शे के स्वरूप चिह्नित भूमि की कटाई) के वक्त रास्ते के जमीन नगर परिषद के नाम करने के प्रस्ताव को टीसीपी ने खारिज कर दिया है। नियमों में प्रावधान न होने का तर्क देकर नगर नियोजन विभाग ने इसे नकारा है। नगर परिषद के हाउस में इस प्रस्ताव को सभी पार्षदों नें मंजूरी दी थी। नतीजतन अपार्टमेंट और निजी भवन मालिकों के अवैध अतिक्रमण करके बंद किए रास्तों को आम बनाया जा सके। उधर, नगर नियोजन विभाग के इस रुख पर तकरार बढ़ गई है। नगर परिषद ने खुद ऐसे मामलों पर कार्रवाई करने की ठान ली है। अधिकारियों के मुताबिक नगर परिषद को कार्रवाई का अधिकार है।

इस इस तरह शुरू हुई कवायद
सोलन। शिकायतों पर नगर परिषद ने जांच के दौरान पाया कि प्लाटिंग के वक्त टीसीपी के नियमों को ताक पर रखकर बिल्डरों और मकान बनाने वालों ने निर्धारित रास्ते नहीं छोड़े। बल्कि उन्हीं रास्तों पर अतिक्रमण करके कब्जे जमा लिए या यह रास्ता आम नहीं है का बोर्ड चस्पां कर आम लोगों को परेशानी में डाल दिया।

इसलिए लिखा पत्र
नगर परिषद ने अब इससे निपटने के लिए आम सभा में प्रस्ताव पारित किया। सरकार और नगर नियोजन को प्रस्ताव भेजा गया, जिसके परिषद ने कहा कि प्लाटिंग के वक्त ही रास्ते नगर परिषद के अधीन कर दिए जाएं। ताकि बाद में कोई भी इन रास्तों पर अपना कब्जा न जमा सके।

ये है टीसीपी नियम
टीसीपी नियमों के अनुसार शहर में घर बनाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को रास्ते के लिए तीन और भवन के चारों ओर डेढ़ मीटर जगह छोड़नी जरूरी है। लेकिन अधिकांश यह नियम दरकिनार कर रहे हैं। ऐसे में नगर नियोजन विभाग की कार्यशैली पर भी प्रश्न चिंह लग रहा है।

अवैध कब्जा धारकों पर कार्रवाई होगी
नगर परिषद के ईओ बीआर नेगी ने कहा कि शहर में अधिकांश अपार्टमेंट और भवन मालिकों ने टीसीपी नियमों का उल्लंघन करके रास्तों और नप की जगह पर कब्जा जमाया है। नगर परिषद अब इन पर शिकंजा कसेगा। अवैध रूप से रास्तों पर बनाए गए भवनों को तोड़ा जा सकता है।

भवन पूरा होने पर ही रास्ता नप का
जिला टीसीपी अधिकारी संदीप शर्मा ने कहा कि नगर परिषद ने पत्र भेजा है, जिसमें उन्होंने प्लाटिंग के दौरान ही रास्तों को अपने नाम करवाने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक भवन नहीं बन जाता तब तक नगर परिषद के नाम रास्ते की जमीन नहीं करवाई जा सकती।

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