नकली नोटों में बरामद इंक की होगी जांच

जसपुर। सौ-सौ रुपये के नकली नोट छापने के कारखाने का भंडाफोड़ करने के बाद पुलिस अब बरामद नोटों और स्टांप पेपरों को उनमें प्रयुक्त इंक के निरीक्षण के लिए महाराष्ट्र स्थित करेंसी नोट प्रेस नासिक भेजेगी। कोतवाल जेसी पाठक ने बताया कि नकली नोटों और बैंक नोटों में प्रयुक्त होने वाली इंक एक जैसी ही है।
कोतवाल ने बताया कि इसकी जांच बाकी है कि असली नोटों में प्रयुक्त होने वाली इंक जैसी लगने वाली स्याही अभियुक्त कहां से लाए थे। यदि नासिक प्रयोगशाला इस बात की पुष्टि करती है कि नोटों में प्रयुक्त नेपाल या अन्य किसी देश में प्रयुक्त होने वाली है तो पुलिस अभियुक्तों पर देशद्रोह की धाराओं में भी मुकदमा दर्ज करेगी। कोतवाल ने बताया कि अभियुक्तों को रिमांड में लेकर पूछताछ करने के लिए उच्चाधिकारियों से अनुमति ली जा रही है। उल्लेखनीय है कि 13 अगस्त को पुराने सिनेमा हॉल के करीब स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट पर पुलिस ने छापामार कर 70 हजार रुपये के सौ-सौ के नकली नोट, कारखाने में प्रिंटिंग के लिए रखे स्टांप पेपर, नकली मोहरें, हाईस्कूल-इंटरमीडिएट बीए, बीएड, एमएड आदि के नकली प्रमाण पत्र बरामद कर लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा था।
इस मामले में आठ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। कोतवाल जीसी पाठक ने बताया कि इस मामले में पुलिस 7 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में ले चुकी है। हिमांशु निवासी भूतपुरी फरार है। जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों का गठन किया है।

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