
बिलासपुर। जिले के कालेजों में छात्र राजनीति उफान पर पहुंच गई है। नए छात्रों के सहारे हर संगठन केंद्रीय छात्र संघ की सत्ता पर काबिज होना चाहता है। जिले भर के कालेजों में तमाम संगठन सक्रिय हो गए हैं। फोस्टरबाजी की जंग के साथ ही स्थानीय कालेज मुद्दों को उठाते हुए नए छात्र-छात्राओं को अपनी ओर आकर्षित करने के भरसक प्रयास किए जा रहे हैं।
बिलासपुर के अंतर्गत विभिन्न कालेजों में बडे़ छात्र संगठनों के अलावा स्थानीय संगठन भी सक्रिय है। बिलासपुर कालेज में बीएसए का भी ठीक ठाक दबदबा रहा है। एबीवीपी और एनएसयूआई का भी यहां दबदबा है। अब केंद्रीय छात्र संघ के चुनावों के मद्देनजर तीनों संगठन सक्रिय हो गए हैं। एबीवीपी पहले ही रूसा का विरोध कर रही है। एनएसयूआई ने भी अब इसके खिलाफ बिगुल फूंका है। बीएसए पहले ही छात्र समस्याओं को लेकर सक्रिय रही है। झंडूता कालेज भी छात्र राजनीति सक्रिय हो गई है। स्थानीय झंडूता स्टूडेंट एसोसिएशन, एबीवीपी और एनएसयूआई में यहां कांटे की टक्कर होती रही है। इस बार भी तीनों ही संगठन सत्ता हासिल करने को सक्रिय हो गए हैं। कालेज क्षेत्र में के अलावा पूरे बाजारों में पोस्टर वॉर शुरू हो गई है। पोस्टर लगाकर नए छात्रों को रिझाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। जुखाला, नयनादेवी और घुमारवीं कालेजों में विद्यार्थियों ने राजनीतिक गोटियां फिट करनी शुरू कर दी है। एससीए चुनाव लड़ने के इच्छुक विद्यार्थी पिछले लंबे अरसे से सक्रिय चल रहे हैं। भीतरी तौर पर बाकायदा ऐसे विद्यार्थी हर छात्र-छात्राओं के साथ संपर्क भी बढ़ा रहे हैं। अभी तक केंद्रीय छात्र संघ के चुनावों की तिथि तय नहीं हुई है। छात्र संगठनों की सक्रियता से राजनीतिक पारा चढ़ गया है।
