
अल्मोड़ा। कुमाऊं विवि एसएसजे परिसर अल्मोड़ा में जीआईएस और इसके अनुप्रयोग विषय पर विभिन्न विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए आयोजित 21 दिन के पुनश्चर्या कार्यक्रम का समापन मंगलवार को हो गया। समापन पर मुख्य अतिथि उत्तराखंड सेवा निधि के निदेशक डा. ललित पांडे ने कहा कि वैज्ञानिक अनुसंधानों और नवीनतम तकनीकों का लाभ आम समाज तक पहुंचाना आज बहुत बड़ी चुनौती है।
उन्होंने कहा कि वैज्ञानिकों और विद्वान वर्ग को समाज के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होने की जरूरत है। पद्मश्री पांडे ने जीआईएस तकनीक का लाभ आम जनता तक पहुंचाने पर जोर दिया। एनआरडीएमएस केंद्र के निदेशक और पुनश्चर्या कार्यक्रम के आयोजक प्रो. जेएस रावत ने बताया कि 21 दिन के कार्यक्रम में महाराष्ट्र, उप्र, दिल्ली, उत्तराखंड, असम, पश्चिम बंगाल और पंजाब राज्यों के विभिन्न विश्वविद्यालयों से आए हुए 20 प्राध्यापकों को प्रशिक्षण दिया गया।
समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए एसएसजे परिसर के निदेशक प्रो. आरएस पथनी ने प्रशिक्षण में अर्जित ज्ञान का लाभ समाज तक पहुंचाने का आह्वान किया। एकेडमिक स्टाफ कालेज नैनीताल के सह निदेशक डा. रितेश शाह ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में विनोद रावत, नवनीत गहलोत, निर्मला नैलवाल, नेहा रानी, नरेश पंत, उमा शंकर नेगी, ओसामा तिवारी, मुकुल माजिला, लता बुधानी, तरुण राणा, महेंद्र कनौजिया, मनोज बिष्ट आदि मौजूद थे।
