
धर्मशाला। शहरी विकास एवं आवास मंत्री सुधीर शर्मा ने कहा कि प्रदेश के शहरों में बढ़ती आबादी के कारण उत्पन्न हो रही पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए राज्य सरकार द्वारा दीर्घकालीन योजनाएं तैयार की जा रही हैं।
सुधीर शर्मा ने बताया कि शिमला शहर के लिए 516 करोड़ रुपए की उठाऊ पेयजल योजना केंद्र सरकार को स्वीकृति के लिए भेजी गई है। इस योजना के अंतर्गत सतलुज नदी पर बने कौल डैम से शिमला शहर के लिए पानी लिफ्ट किया जाएगा और इस योजना के बनने से शिमला शहर में आगामी लगभग 25 वर्षों तक पेयजल की कोई समस्या नहीं रहेगी। उन्होंने बताया कि सिरमौर जिला के नाहन शहर के लिए 75 करोड़ रुपए की तथा धर्मशाला शहर के लिए 21 करोड़ रुपए की पेयजल योजना स्वीकृत की गई है। इसके अतिरिक्त मंडी शहर की पेयजल योजना के संवर्द्धन के लिए परियोजना तैयार करके केंद्र सरकार को भेजी गई है। उन्होंने बताया कि कांगड़ा शहर के लिए 12 करोड़ रुपए की संवर्द्धन पेयजल योजना का कार्य प्रगति पर है, जबकि ज्वालामुखी शहर के लिए भी 29 करोड़ की एक नई पेयजल योजना की डीपीआर तैयार करके स्वीकृति को भेजी गई है। शहरी विकास मंत्री ने बताया कि 12वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान प्रदेश की 10725 बस्तियों में पेयजल सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी तथा 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन के राष्ट्रीय लक्ष्य के मुकाबले प्रदेश में 70 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन पेयजल की प्रतिबद्धता सुनिश्चित की जाएगी। इसके अतिरिक्त 27 हजार हेक्टेयर भूमि में अतिरिक्त सिंचाई सुविधा प्रदान करने का भी लक्ष्य रखा गया है।
