
धर्मशाला। प्रदेश की दूसरी राजधानी के नाम से मशहूर धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र में भाजपा और सत्तारूढ़ कांग्रेस विकास के नाम पर आमने-सामने आ गई हैं। धर्मशाला में शबाब पर पहुंची बरसात में सियासी रंग चढ़ गया है। भाजपा के पूर्व मंत्री किशन कपूर के बयान पर कांग्रेसी उबाल खा गए हैं तो विपक्ष ने भी कांग्रेस को खुली बहस की सीधी चुनौती दे डाली है। पूर्व मंत्री ने शहरी विकास एवं आवास मंत्री सुधीर शर्मा की जनता से कथित दूरी की सियासी नब्ज पर हाथ रखा है तो कांग्रेसियों ने किशन कपूर से विकास का हिसाब मांगा है। ब्लॉक कांग्रेस एक ओर पूर्व उद्योग मंत्री किशन कपूर को विकास के नाम पर कठघरे में खड़ा करने की कोशिश में है तो मंडल भाजपा ने भी इस पर बहस की दो टूक चुनौती दे डाली है। भाजपा मंडल अध्यक्ष कैप्टन रमेश अटवाल और वरिष्ठ उपाध्यक्ष भाजपा जिला कांगड़ा राकेश शर्मा का कहना है कि धर्मशाला के विकास का हिसाब मांगने वाले कांग्रेसी खुली बहस के लिए तैयार हो जाएं। बहस की जगह और तारीख भी कांग्रेस ही तय करे। भाजपा नेताओं का कहना है कि कांग्रेस सरकार के मंत्री युवाओं को बेरोजगारी भत्ता, मोनो ट्रेन समेत अन्य बड़ी योजनाओं के स्वप्न दिखाकर सत्ता में आए, लेकिन सरकार के आठ माह बीतने के बावजूद योजनाएं सिर्फ घोषणाओं में तैर रही हैं। जबकि कांग्रेस धर्मशाला के लिए 30 करोड़ की पेयजल योजना, आईटी पार्क का प्रारूप, हैंडपंपों की स्थापना जैसे मुद्दों पर भाजपा को चुप कराने का दम भर रही है। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सुरेश कुमार पप्पी की मानें तो कांग्रेस ने आठ माह में ही जनता का दिल जीता है। बहरहाल, विकास को लेकर छिड़ी बहस धरातल पर कितनी खरी उतरती है यह देखना बाकी है।
