धर्मशाला के 50 फीसदी होटलों में नहीं पार्किंग

धर्मशाला। अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट मैचों के लिए प्रसिद्ध खेल नगरी धर्मशाला में हर आम और खास आदमी पार्किंग की समस्या से जूझ रहा है। यही हाल खेल नगरी में होटलों का है। शहर में पचास फीसदी से अधिक होटलों में पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है। शहर में इक्का-दुक्का ही होटल हैं, जहां कुछ गाड़ियों के खड़ा होने के लिए पार्किंग की व्यवस्था है।
पर्यटन सीजन में बाहरी राज्यों तथा विदेश से आने वाले पर्यटक पर्यटन नगरी मैकलोडगंज, भागसूनाग, सतोवरी, डलझील, धर्मकोट तथा धर्मशाला समेत शहर की अन्य जगह पर स्थित होटलों में ठहरते हैं। लेकिन पार्किंग के अभाव में अधिकतर गाड़ियां होटलों के बाहर सड़क पर ही खड़ा होती हैं। इस वजह से पर्यटकों को खासी दिक्कतें झेलनी पड़ती हैं। वहीं पर्यटन कारोबार भी प्रभावित होता है। हैरानी की बात है कि टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के सख्त नियमों के बावजूद कई होटलों को बिना पार्किंग के चलाया जा रहा है। इससे कहीं न कहीं प्लानिंग विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठते हैं। स्थानीय निवासी अमर सिंह, विपिन शर्मा, वेद प्रकाश, सुभाष चंद तथा कल्याण सिंह ने बताया कि धर्मशाला और मैकलोडगंज समेत शहर में कई ऐसे होटल हैं, जहां पार्किंग की उचित व्यवस्था नहीं है। पर्यटकों के वाहन सड़क पर खड़े होने से शहर में जाम की स्थिति पैदा होती है। इससे स्थानीय दुकानदारों का कारोबार भी प्रभावित होता है। इन लोगों ने जिला प्रशासन से शहर में शापिंग माल की बजाए पार्किंग स्थल बनाने की मांग की है।
उधर, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग आफिसर आरएस प्रेमी ने कहा कि पार्किंग स्थल के आधार पर ही होटल में पानी और बिजली कनेक्शन को एनओसी दी जाती है। उन्होंने कहा कि शहर में पार्किंग के बिना चले रहे होटलों की पहचान की जाएगी।

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