
धर्मशाला। सशस्त्र सेना के बिगुल पर शोकधुन के साथ खेल नगरी धर्मशाला उस वक्त गर्व के लम्हों में डूब गई जब कारगिल शहीदों की कुर्बानी की याद में शहीद स्मारक में एकत्रित हुए। वर्ष 1999 में देश के अहम आपरेशन विजय कारगिल में अपने प्राणों की आहुति देने वाले जांबाज वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि देते हुए हर आंख नम हो गई। इन आंखों में अपनों को खोने का गम था तो देश के लिए कुर्बान हो जाने का गर्व भी। समारोह में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे नौवीं राइजिंग स्टार कोर के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल आरएन नायर ने शहीद स्मारक में पुष्प चक्र भेंट कर कारगिल शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शहीदों की याद में शहीद स्मारक में पौधरोपण भी किया। मेजर जनरल नायर ने कहा कि हिमाचल के वीर सैनिकों की शहादत को कभी नहीं भुलाया जा सकता है। न केवल कारगिल बल्कि अन्य युद्धों में भी हिमाचल के रणबांकुरों ने अपने प्राणों की आहुतियां दी हैं। शहीद स्मारक समिति के अध्यक्ष कर्नल (से.) जय गणेश ने समारोह में पहुंचे मुख्यातिथि व अन्य गण्यमान्य अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि शहीद स्मारक धर्मशाला में श्रद्धांजलि देने की परंपरा जारी है। इस तरह के आयोजन से हम शहीदों और उनके परिजनों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हैं। शाम को शहीद स्मारक से कारगिल शहीदों की याद में कैंडल मार्च भी निकाला किया गया। इस मौके पर सीयू के वाइस चांसलर प्रो. फुरकान कमर, उपायुक्त कांगड़ा सीपाल रासु, एसपी बलवीर सिंह ठाकुर, एसपी बशेर सिंह और अन्य मौजूद रहे।
