
परवाणू (सोलन)। परवाणू की सुरक्षा भगवान भरोसे है। औद्योगिक हब माने जाने वाले परवाणू में आग की घटनाओं से बचने के लिए पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। मात्र दो हाइड्रेंटों पर पूरे क्षेत्र की सुरक्षा है। गर्मियों के मौसम में आग का अधिक खतरा रहता है। यदि कोई घटना घट जाती है तो हाइड्रेंटों की कमी विभाग के आडे़ आती है। 1980 के दशक में 26 हाइड्रेंट स्थापित होने के बावजूद आज यहां पर मात्र दो हाइड्रेंट की उपयोग में लाया जा रहा है।
इन हाइड्रेंटों में भी 24 घंटे पानी की सुविधा मुहैया नहीं रहती। पानी तभी रहता है जब हिमुडा सप्लाई करता है। शहर में 500 के करीब छोटे तथा बडे़ उद्योग हैं। उद्योगों में यदि आग की घटना होती है तो विभाग को इन दो हाइड्रेंटो का ही सहारा है। नीरज कुमार, पवन श्रीवास्तव, शिखावत, रमेश पठानिया, गोविंद शर्मा का कहना है कि शहर में आग से निपटने के लिए पुख्ता प्रबंध नहीं हैं। फायर अफसर हंस राज ने कहा कि शहर में दो ही हाइड्रेंट हैं।इस बारे में हिमुडा को कई बार लिखित रूप में समस्या बता चुके हैं लेकिन हिमुडा ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है।
