
रुद्रपुर। डीजीएम कार्यालय में विद्युत कर्मचारियों से मारपीट और अभद्रता करने के चार फरार आरोपियों में से दो ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आशुतोष कुमार मिश्रा की अदालत में आत्मसमर्पण कर जमानत की याचिका प्रस्तुत की, जिसे सीजेएम द्वारा खारिज कर आरोपियों को 14 दिन की हिरासत में हल्द्वानी कारावास भेजने के आदेश दिए।
न्यायिक सूत्रों के मुताबिक 17 मई को विद्युत अव्यवस्था के खिलाफ व्यापारियों ने डीजीएम कार्यालय में कर्मचारियों से मारपीट और अभद्रता की थी। इस मामले में विद्युत कर्मचारियों की तहरीर पर पुलिस ने देवभूमि उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष गुरमीत सिंह, भारत भूषण चुघ, विजय फुटेला और राजू छाबड़ा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था, लेकिन इससे पहले की पुलिस नामजद व्यापारियों को गिरफ्तार करती सभी फरार हो गए थे। इनमें से कुछ दिन पहले नामजद व्यापारी गुरमीत सिंह ने आत्मसमर्पण कर न्यायालय से जमानत करवा ली थी। इधर सोमवार को भारत भूषण चुघ और विजय फुटेला ने भी न्यायालय में आत्मसमर्पण कर जमानत याचिका दाखिल की, जिसे सीजेएम ने खारिज कर दिया। तत्पश्चात नामजद व्यापारियों के अधिवक्ता द्वारा प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश सिंकद कुमार त्यागी की अदालत में जमानत याचिका को पेश किया, जिस पर मंगलवार (आज) की तिथि नियत है।
