दो बार ई-मेल नहीं देखी तो खुद जिम्मेवार

बिलासपुर। हाइटेक जमाने के साथ अब शिक्षा विभाग के कार्य भी हाइटेक हो गए हैं। स्कूलों को मिलने वाले तमाम निर्देश अब ई-मेल के माध्यम से जारी किए जा रहे हैं। सरकारी डाक निकलने का फंडा अब बहुत पुराना हो गया है। खास यह है कि इससे जल्द स्कूलों तक निर्देश पहुंच जाते हैं। लेकिन कई स्कूलों के मुखिया अपनी ई-मेल चैक नहीं करते। इस पर विभाग ने सख्त हिदायत देते हुए कहा है कि स्कूलों के मुखिया कम से कम दो बार अपनी ई-मेल चैक करेंगे। निर्देश मिलने पर उन पर अमल नहीं हुआ तो इसके लिए वह स्वयं जिम्मेवार होंगे।
सरकारी स्कूल के मुखियाओं को अब स्कूल की ई-मेल आईडी दिन में दो बार चैक करना अनिवार्य होगा। यदि कोई स्कूल मुखिया द्वारा ई-मेल आईडी चैक न करने पर सरकारी कार्य में विलंब पड़ता है। तो उसके लिए वह स्वयं व्यक्तिगत तौर पर उत्तरदायी माना जाएगा। शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सरकारी स्कूलों में इंटरनेट सुविधा प्रदान की गई है। बाकायदा स्कूल मुखियाओं की ओर से ई-मेल आईडी बनाई गई है। लेकिन, कई बार स्कूल मुखियाओं के छुट्टी पर होने के कारण इसे एक बार भी चैक नहीं किया जाता है। लेकिन, अब शिक्षा विभाग की ओर से स्कूल मुखिया को निर्देश जारी किए गए हैं कि स्कूल की ई-मेल आईडी दिन में दो बार चैक की जाए। स्कूल मुखिया के छुटटी पर होने के चलते किसी अन्य व्यक्ति को यह जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। शिक्षा उप निदेशक वीर सिंह ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि स्कूल मुखियाओं के लिए को यह तय करना होगा कि वह कब ई-मेल चैक करें। विभाग की ओर से जारी होने वाले निर्देश अब इंटरनेट के माध्यम से भी भेजे जा रहे हैं। जिससे समय और धन दोनों की ही बचत हो रही है। वहीं, स्कूलों के कार्यों में भी तेजी आएगी।

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