दो और गांवों में घुसा पानी, दहशत में ग्रामीण

लक्सर। गंगा खादर के दो और गांव बाढ़ की चपेट में आ गए। जबकि दस गांव पहले ही गंगा के पानी का कहर झेल रहे थे। स्थिति दिनोंदिन बिगड़ती जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार, जल्द गंगा का जलस्तर कम नहीं हुआ तो कई और गांव बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं।
क्षेत्र के गंगदासपुर, पंडितपुरी, महाराजपुर खुर्द व कलां, बहादराबाद, नंदपुर, सोपरी, दल्लेवाला, शेरपुर बेला और रायसी गांव के लोग तीन दिन से बाढ़ का कहर झेल रहे हैं। शुक्रवार को गंगा का जलस्तर और बढ़ गया। जिससे बालावाली और कलसिया गांव में भी पानी पहुंच गया। पानी के तेज बहाव के चलते बालावाली की पुलिया भी ध्वस्त हो गई है। जिसके चलते बालावाली- गिद्दावाली मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया। उधर, दल्लेवाला खानपुर मार्ग भी बाढ़ के पानी में डूब गया। बताया जा रहा है कि अगर गंगा का जलस्तर यूं ही बढ़ता रहा तो डुमनपुरी, जोगावला, दाबकी खेड़ा और चंद्रपुरी आदि गांव में भी बाढ़ का पानी घुस सकता है। वहीं, प्रशासन की ओर से गंगदासपुर और पंडितपुरी गांव के लोगों के लिए राफ्टिंग बोट का इंतजाम कराया गया है। इसके अलावा स्वास्थ्य टीमों ने दवाइयां भी वितरित कीं।

अषाढ़ में यह हाल तो सावन में क्या होगा
बोले ग्रामीण
कभी सोचा भी नहीं था कि अषाढ़ के महीने में भी बाढ़ का कहर झेलना पड़ेगा। बरसात के महीने सावन भादों तो अभी शेष है आगे क्या होगा भगवान ही जाने।
– बीरबल

एक महीने से बाढ़ की विभीषिका झेल रहे हैं अभी तो दो ढाई माह बरसात के शेष बचे हैं। यदि सावन-भादों के में भी बरसात ने जोर पकड़ा तो कुछ भी अनहोनी हो सकती है।
– शेर सिंह

फसलें, रास्ते, पुलिया सब कुछ बाढ़ ने तबाह कर दिए। अब सावन भादों में यदि बाढ़ आ गई तो आशियाने भी छिन जाएंगे।
– कलीराम

हे भगवान! कितनी परीक्षा लोगे हमारी। अषाढ़ के महीने में ही बाढ़ का प्रकोप झेलना पड़ रहा है, अब सावन भादों में रहम करना। नहीं तो कुछ भी नहीं बचेगा।
– बोहती देवी

एसडीएम से मिले ग्रामीण
लक्सर। बालावाली के ग्रामीण सतपाल, रामसिंह, अनुज, राकेश, सतीश, मांगेराम आदि ने शुक्रवार को तहसील मुख्यालय पहुंचकर एसडीएम से मुलाकात की। ग्रामीणों ने बाढ़ के पानी से क्षतिग्रस्त हुई पुलिया और कच्चे मकान गिरने पर मुआवजा दिलाए जाने की मांग की। एसडीएम मोहम्मद नासिर ने ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन दिया।

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