
शिमला। पहाड़ी की रानी का दिल और देश-दुनिया के सैलानियों की पसंदीदा जगह ऐतिहासिक रिज मैदान फिर दरक गया है। वीरवार दोपहर बाद मैदान के एक कोने में बड़ा गड्ढा पड़ गया है। जमीन धंसने से मैदान में करीब 120 सेंटीमीटर चौड़ा और काफी गहरा गड्ढा बन गया है। जमीन धंसते समय एक महिला यहां से गुजर रही थी, जो बाल-बाल बच गई। नगर निगम ने हमेशा की तरह इस गड्ढे को भरने की बात कही है। यह वही हिस्सा है जिसकी दरारों को निगम प्रशासन कई बार कंक्रीट डालकर भर चुका है।
शहर में जारी मूसलाधार बारिश के चलते मैदान के नीचे लगे डंगे कभी भी जमींदोज हो सकते हैं। इससे तिब्बती मार्केट और लक्कड़ बाजार बस स्टैंड को भी खतरा हो गया है। रिज मैदान के नीचे शिमला को पानी की सप्लाई करने वाला वाटर टैंक भी है। जमीन धंसने से टैंक को नुकसान होने की सूरत में बड़ी आपदा आ सकती है।
नगर निगम के सारे दावे फ्लॉप
नगर निगम रिज मैदान को धंसने से बचाने के लिए कई दावे करता आ रहा है। बावजूद इसके प्रबंध पुख्ता साबित नहीं हो पाए हैं। हर बार मैदान में दरारें पड़ने के दौरान निगम कर्मी रिज मैदान में सीमेंट भरकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं।
आपदा प्रबंधन कार्यशाला में किया था आगाह
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन कार्यशाला में प्रदेश सरकार व नगर निगम को चेताया गया था कि ऐतिहासिक रिज मैदान को बचाने के लिए तुरंत ठोस कदम उठाने की जरूरत है। इसके लिए विशेषज्ञों ने सुझाव भी दिए थे।
रिज से बारिश के पानी की निकासी की व्यवस्था सुधारें
रिवोली रोड से रिटेनिंग वॉल लगाई जाए
रिज के नजदीक ऐतिहासिक इमारतों का रखरखाव किया जाए
इमारत ढहने से गई थीं दो जानें
रिज मैदान के धंसने के कारण 2008 में रिवोली रोड पर स्थित तिब्बती मार्केट की दुकानें ढह गई थीं। लोअर बाजार टनल के साथ लगती एक पुरानी इमारत ढहने से दो लोगों की जान तक चली गई थी।
रिज का हो चुका है जियोलॉजिकल सर्वे
नगर निगम रिज मैदान का जियोलॉजिकल सर्वे करवा चुका है। मैदान का जायजा लेने के लिए एक स्पेशल टीम शिमला आई थी। सर्वे के आधार पर मैदान के संरक्षण के लिए उपाय भी सुझाए गए थे।
करेंगे डंगों को मजबूत : गुप्ता
निगम की भवन एवं मार्ग शाखा के अधिशासी अभियंता एचके गुप्ता ने कहा कि रिज मैदान पर डिप्रेशन वाला एरिया बैठ गया है। यहां पर कंक्रीट डाला गया है। मैदान के संरक्षण के लिए डंगों को मजबूत किया जाएगा।
