दोअंब में जमीन धंसने से मकान क्षतिग्रस्त

मंडी। मंडी शहर के साथ लगते दोअंब कस्बे में शनिवार सुबह भारी बारिश से जमीन धंसने से तीन मकान क्षतिग्रस्त हो गए। इससे करीब चालीस लाख का नुकसान बताया जा रहा है। ढलान पर बना चार कमरों का दो मंजिला मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है, जबकि आसपास के दो मकानों में भी दरारें आ गई हैं। हालांकि, इन मकानों की सुरक्षा के लिए पत्थरों के डंगे लगाए गए थे, मगर पहाड़ी दरकने से सुरक्षा दीवारें भी टूट गई हैं। भारतीय सेना से सेवानिवृत्त रूप सिंह सेन पुत्र संत सिंह का चार कमरों का मकान जमीन धंसने से जर्जर हो गया है, जिसे खाली कर दिया है। मकान का स्लैब करीब एक फुट टूट गया है। कमरों की दीवारों, फर्श से लेकर हर जगह छह इंच से लेकर एक फुट चौड़ी दरारें पड़ गई हैं। रूप सिंह ने बताया कि उन्होंने फौज की सारी कमाई और रिश्तेदारों से उधार लेकर यह मकान बनाया था। करीब 25-30 लाख की लागत से बना यह मकान अब खंडहर बन गया है। इसके साथ लगते लतेश ठाकुर पत्नी टीआर ठाकुर के मकान का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। उन्होंने बताया कि उनका लॉन, सेफ्टी वॉल और सेप्टिक टैंक ढह गया है, जिससे करीब पांच लाख का नुकसान हुआ है। यहीं के निवासी विनोद कुमार पुत्र बंसी लाल के मकान की दीवारों और सामने के स्लैब में दरारें आ गई हैं। इधर, राजपूत सभा के अध्यक्ष इंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि उन्होंने मौके पर जाकर हालात का जायजा लिया। शनिवार रात हुई भारी बारिश के चलते हुए पानी के रिसाव की वजह से जमीन धंस गई। इससे रूप सिंह सेन का चार कमरों का दो मंजिला मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। वहीं लतेश ठाकुर और विनोद कुमार के मकानों को भी नुकसान हुआ है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जमीन धंसने से हुए नुकसान का जायजा लेकर प्रभावितों को उचित मुआवजा दिया जाए।
उधर, तहसीलदार सदर अजय पराशर ने मंडी शहर के साथ लगते दोअंब कस्बे में बारिश से रिहायशी मकानों को नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि एक मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त है, जबकि दो अन्य मकानों में काफी दरारें आई है। उन्होंने पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकान को खाली करवाया गया। प्रारंभिक जांच में करीब 40-50 लाख नुकसान होने का अनुमान है। प्रशासन की ओर से प्रभावितों को तिरपाल मुहैया करवाए गए।

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