दैवीय आपदा के मंजर से खौफजदा दिखे आगरा के यात्री

रानीखेत। बद्रीनाथ धाम के दर्शन कर गंतव्य को लौट रहे आगरा के तीर्थयात्री भी दैवीय आपदा के भयानक मंजर को देखकर खौफजदा हैं। यात्री बोले वह भविष्य में तीर्थयात्रा के लिए दोबारा मोटर मार्ग से नहीं आएंगे। अतिवृष्टि के कारण चार दिनों तक ओली में फंसने के बाद आगरा के तीर्थयात्रियों का दल बुधवार की रात यहां पहुंचा और नैनीताल के लिए रवाना हुआ।
आगरा निवासी बृजेश शर्मा ने बताया कि वह 11 जून को आगरा से रवाना हुए। 12 को वह हरिद्वार पहुंचे। 13 जून को बद्रीनाथ धाम के दर्शन करने के बाद उनका वाहन खराब हो गया। किराए कार से वह 14 जून को ओली पहुंचे। लेकिन भारी बारिश के कारण वह चार दिनों तक ओली में ही फंसे रहे। ओली में चार दिन काफी महंगे साबित हुए। हर जगह लोगों ने मौके का फायदा उठाया और रहने और खाद्य सामग्रियों के दोगुने रेट वसूले। मोबाइल नेटवर्क कार्य नहीं कर रहा था, जिस कारण वह संपर्क से कट गए। जिस कारण परिजनों की खासी फजीहत हुई। वह कर्णप्रयाग-रुद्रप्रयाग और हरिद्वार होते हुए आगरा जाना चाहते थे, लेकिन मार्ग बंद होने के कारण वह चौखुटिया-रानीखेत होकर आए हैं। कई स्थानों पर मार्ग मलबे से पटे मिले। यह दल अब नैनीताल को रवाना हो गया है। दल में आगरा निवासी राहुल चतुर्वेदी, महेंद्र खंडेलवाल, दशरथ राठौर, सचिन अग्रवाल सहित नौ लोग शामिल थे। इधर परिवहन निगम के स्थानीय डिपो के एआरएम बीएस कुशवाहा ने बताया कि रानीखेत डिपो से चार बसें चमोली भेज दी गई हैं जो फंसे यात्रियों को यहां पहुंचाएंगी।

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