

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने करीब चार महीने की तफ्तीश के बाद उसे गिरफ्तार कर दो हजार के नकली नोट बरामद किए हैं। वह पांच साल से नकली नोटों की खेप भारत ला रहा था। इन नकली नोटों की क्वालिटी काफी अच्छी है।
स्पेशल सेल डीसीपी प्रमोद कुमार कुशवाह के अनुसार, नोट लाने की सूचना के बाद एसीपी अत्तर सिंह की देखरेख में इंस्पेक्टर ईश्वर सिंह, एसआई सतविंदर, संजीव व एएसआई देवेंद्र भाटी की टीम ने करीब चार महीने तक जांच की। 24 अगस्त को एक सूचना के बाद नेहरू प्लेस बस टर्मिनल के पास जाल बिछाया गया।
वहां से नेपाली निवासी आलम अंसारी (27) को गिरफ्तार कर दो हजार के 275 नकली नोट बरामद किए गए। अंसारी ने बताया कि इस गिरोह के अन्य सदस्य रक्सोल, बिहार के हैं।
वे दिल्ली, एनसीआर, बिहार और देश के अन्य हिस्सों में नकली नोट सप्लाई करते थे। अंसारी नेपाल के तीन लोगों से नकली नोट लेकर भारत में सप्लाई करता था। उसने बताया कि नकली नोट पाकिस्तान से नेपाल और वहां से भारत आते हैं।
पहले बांग्लादेश से वाया मालदा आते थे
स्पेशल सेल के अधिकारियों के अनुसार, पहले नकली नोट बांग्लादेश से पश्चिम बंगाल के मालदा आते थे। वहां से इन्हें भारत के अन्य हिस्सों में भेजा जाता था। पाकिस्तान के जालसाजों ने अब नेपाल का रास्ता चुना है। आलम 7 वर्ष पहले भारत आया था। वह गांधी नगर में एक गारमेंट्स फैक्टरी में टेलर था। इसके बाद वह नेपाल चला गया और वहां माजिद के कहने पर नकली नोट सप्लाई करने लगा।
