

नई दिल्ली: गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने आज कहा कि सरकार बलात्कार पीड़िता की मानसिक स्थिति को समझती है इसलिए उसकी शिकायत दर्ज करने के लिए एकल संकट निवारण केंद्र बनाए जा रहे हैं। लोकसभा में एक पूरक सवाल के जवाब में गृहमंत्री ने बताया कि पीड़िता को प्रताडऩा से बचाने के लिए एकल संकट निवारण केंद्र बनाए जा रहे हैं जहां पीड़िता से जुड़ी शिकायत एक ही जगह दर्ज की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह कदम पीड़िता की मानसिक पीड़ा को कम करने के लिए उठाए गए हैं।
राजनाथ ने कहा कि जिन थानों पर महिला पुलिसकर्मी शिकायत दर्ज करने के लिए नहीं होती है वहां बलात्कार पीड़िता संकोच किए बिना अपनी शिकायत दर्ज कर सके इसके लिए दूसरे विभाग से महिला कर्मी को तैनात करने के आदेश दिए गए हैं। एक अन्य पूरक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने स्वीकार किया कि देश में बलात्कार पीड़िताओं की संख्या बढ़ रही है और इन मामलों की प्राथमिकी ज्यादा दर्ज हो रही है। उन्होंने कहा कि निर्भया कांड के बाद कानून में संशोधन किया गया है कि जो पुलिस अधिकारी बलात्कार के मामलों की प्राथमिकी दर्ज करने में लापरवाही बरतेंगे उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कार्रवाई के डर से इस तरह के मामलों की तेजी से प्राथमिकी दर्ज की जा रही है।
