देश आजादी की खुशियां मना रहा, उनकी आंखों में आंसू

सतौन (सिरमौर)। 15 अगस्त को पूरा देश आजादी की खुशियां मना रहा था और उनकी आंखों में आंसू थे। न चाहते हुए शिलाई के शमाह के एक दर्जन परिवारों को अपने पैतृक घर, संपत्ति छोड़कर पलायन करना पड़ा। हर परिवार के एक या दो सदस्य ही गांव में बने मंदिर में रुके हैं, बाकी सभी ने रिश्तेदारों के यहां शरण ले ली है।
बीते दिनों से रुक-रुक हो रही भारी बारिश ने गिरीपार के शिलाई विधानसभा क्षेत्र में भारी तबाही मचा दी है। शावगा पंचायत के शमाह में तो यह नौबत हो गई है कि ग्रामीण घर छोड़कर पलायन करने लगे हैं। 15 अगस्त के दिन एक दर्जन परिवारों ने अपना घर छोड़कर अपने साथ सामान लेकर तिलोरधार, कफोटा, खजूरी, कांडो, पाब, नाया, डाबुआ, सतौन, आदि जगहों पर जाकर अपने रिश्तेदारों के यहां शरण ली। यह सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा। हालात यह हैं कि गांव की जमीन पिछले 8-10 दिनों में लगभग आठ फुट तक धंस चुकी है। ऐसे में खतरा काफी बढ़ चुका है। ग्रामीण दिनेश, सुरेश, मायाराम, शिवराम, तुलसी राम, गंगा राम आदि ने बताया भारी बारिश से तो हालात बदतर हो चुके हैं। भारी बरसात में भी गलियाें का पानी दरारों में ही रिस रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि अब तो हर मकान, प्रांगण और खेतों में दरारें आ चुकी हैं। ग्रामीण जल्दबाजी में सिर्फ जरूरी सामान ही ले जा रहे हैं।
प्रशासन की टीम ने लिया जायजा
प्रशासन की ओर से एक चार सदस्यीय टीम शमाह गांव में भेजी गई। इसमें उपायुक्तसिरमौर, एसडीएम पांवटा, नायब तहसीलदार कमरऊ एवं बीडीओ पांवटा शामिल थे। मौके पर गई कमरऊ की नायब तहसीलदार चंपा भारद्वाज ने बताया कि ग्रामीणों को तिलोरधर तिब्बती कालोनी और रिश्तेदारों के निजी भवनों में ठहराया जा रहा है।
गांव की रिपोर्ट तैयार कर उपायुक्त को भेज दी गई है, जिला प्रशासन जल्द राहत और मुआवजा जारी करेगा।

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