
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ जलप्रलय के दौरान हजारों तीर्थयात्रियों की जान बचाने वाले तोषी (त्रियुगीनारायण) के लोग अंधेरे में रह रहे हैं। तीन माह बाद भी यहां विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई है। यहां के 40 परिवारों को इंतजार है कि कब बिजली के दर्शन हों और उनके घर रोशन हों।
16/17 जून को जब केदारनाथ में तबाही मची थी तब तोषी के लोगों ने आपदा पीड़ितों की मदद की। उन्होंने केदारनाथ-तोषी-त्रियुगीनारायण ट्रैक पर फंसे लोगों को बचाया। तोषी निवासी मदन मोहन सेमवाल बताते हैं कि गांववालों ने 10 हजार लोगों को नदी पार कराई और उनको खाना भी खिलाया। गांव के एक साहसी व्यक्ति कुंवर सिंह ने नदी में जाकर लोगों को रस्से के सहारे दूसरी ओर निकाला।
तोषी गांव दोनों ओर से दो नदियों सोन और वासुकी गंगा से घिरा हुआ है और खुद भूस्खलन प्रभावित है। गांव वाले विस्थापन की मांग भी कर रहे हैं। सोनप्रयाग से त्रियुगीनारायण 13 किलोमीटर मार्ग की हालात बहुत नाजुक है। गांव में एक जूनियर हाईस्कूल है, जिसमें सिर्फ एक ही शिक्षक तैनात है। त्रियुगीनारायण से तोषी गांव करीब 5 किलोमीटर दूर स्थित है। गांव के लिए छह-सात साल पूर्व छह किलोमीटर मोटर मार्ग स्वीकृत हुआ था। पांच साल पूर्व दो किलोमीटर रोड कटिंग हुई। इसके बाद सेंचुरी एरिया के कारण मामला अटक गया। कुंवर सिंह बताते हैं यदि तोषी होते हुए केदारनाथ तक सड़क बन जाती है, तो केदारनाथ के लिए वैकल्पिक यात्रा मार्ग का विकल्प तैयार हो जाएगा।
इंसेट
केदारघाटी में सड़क और पैदल मार्गों की हालत खराब होने के कारण गुप्तकाशी और ऊखीमठ से रुद्रप्रयाग जाने में तीन घंटे लग रहे हैं, जबकि यह पहले 42 किलोमीटर का सफर था। गुप्तकाशी से सोनप्रयाग तक, केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग बदहाल है। कुंड से सोनप्रयाग तक राजमार्ग छोटे वाहनों की आवाजाही लायक नहीं है। कहने को सेमी में राजमार्ग पर यातायात चालू है, लेकिन यहां जगह-जगह दलदल है। तीन माह बाद भी कालीमठ घाटी का सड़क संपर्क कटा हुआ है। ऐसे में कालीमठ, खोन्नू, कविल्ठा, कोटमा, रुच्छ महादेव, चौमासी, चिलौंड, जग्गी बगवान, बेडूला, जाल मल्ला और जाल तल्ला के लोग चार से 20 किलोमीटर पैदल चल रहे हैं। स्थानीय निवासी दिलबर सिंह बताते हैं कि यहां वाहन चलने में एक माह और लेगा। वर्तमान में एक ट्राली के सहारे पूरा क्षेत्र गुप्तकाशी से जुड़ा हुआ है। पीठ पर गैस सिलेंडर और राशन ढोना मजबूरी है।
बिजली रुला रही है
रुद्रप्रयाग। केदारघाटी में दिन भर बिजली कई बार गुल हो रही है। लो वोल्टेज के कारण विद्युत उपकरण भी काम नहीं कर पा रहे हैं। रात में दो-दो घंटे विद्युत कटौती हो रही है।
गुप्तकाशी-कालीमठ मोटर मार्ग को इस माह के अंत तक कालीमठ तक खोल दिया जाएगा, जबकि चौमासी तक 15 अक्तूबर तक सड़क खुल पाएगी। – प्रवीण कुमार, ईई, लोनिवि ऊखीमठ।
