दून से चंपावत डाक पहुंचने में लग गए 24 दिन

चंपावत। निजी कोरियर कंपनियों की ओर से पैदा की गई चुनौती से जूझ रहे डाक विभाग की लचर व्यवस्था का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि देहरादून से चंपावत को भेजी गई एक सरकारी डाक के पहुंचने में पूरे 24 दिन लग गए। डाक विभाग के अधिकारियों के पास इस अव्यवस्था का कोई जवाब नहीं है। चंपावत के लिए यदि देहरादून या देश के किसी अन्य शहर से कोई डाक भेजी जाए उसे पहले मुरादाबाद में जमा कराया जाता है। वहां से उसे संबंधित स्थानों को डिलीवर किया जाता है।
डाक विभाग ने लोगों की सुविधा के लिए स्पीड पोस्ट, रजिस्टर्ड डाक जैसी व्यवस्थाएं शुरू की है। इस जिले के लोगों के साथ समस्या है कि कोई भी पत्र उनको समय पर मिलता ही नहीं है। बताया गया है कि डाक विभाग ने लंबे समय से यह व्यवस्था कर रखी है कि पहाड़ को आने वाली हर रजिस्टर्ड डाक को पहले यूपी के मुरादाबाद मुख्य डाकघर में एकत्र कराया जाएगा। इसी तरह स्पीड पोस्ट का हब पिथौरागढ़ में बनाया गया है। यदि चंपावत से किसी को टनकपुर के लिए स्पीड पोस्ट भेजनी हो तो वह पहले पिथौरागढ़ जाएगी। डाक विभाग के स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि वह इस संबंध में कई बार उच्चाधिकारियों को जानकारी दे चुके हैं।
इस बीच सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से देहरादून से चंपावत भेजे गए पत्रकारों के मान्यता कार्ड को मिलने में पूरे 24 दिन लग गए। सूचना विभाग के अपर निदेशक योगेश मिश्रा ने कहा कि चंपावत में कोरियर की अच्छी सुविधा न होने के कारण डाक विभाग का सहारा लिया गया था। अपर जिला सूचना अधिकारी गिरिजा शंकर जोशी ने इस बारे में डाक विभाग के अधिकारियों को पत्र भी लिखा था।

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