
क्या वाकई में देहरादून के लोगों के पास इतने नोट हो गए हैं कि उनके लिए हाथों से गिनना मुश्किल हो गया है? यहां से करेंसी काउंटिंग मशीन के लिए लगातार बढ़ रहे आर्डर को आधार मानें तो कम-से-कम ऐसा ही लगता है। दिवाली पर कारोबार बढ़ने के मद्देनजर व्यवसायी इन मशीनों की खरीद कर रहे हैं।
ग्राहकों का दायरा गया
अभी तक केवल बैंकों में करेंसी काउंटिंग मशीन और फेक नोट डिटेक्टर देखने को मिल रहे थे, लेकिन अब इसके ग्राहकों का दायरा बहुत बढ़ गया है। करेंसी काउंटिंग मशीनों के कारोबार से जुड़े लोगों की मानें तो अब ज्यादातर मशीनें वह खरीदी जा रही हैं, जिनमें फेक नोट डिटेक्टर भी लगा है।
बीते साल से 30 प्रतिशत ज्यादा
यानी नोटों के बंडल को गिनने के साथ ही नकली नोटों की पहचान भी संभव है। दो प्रमुख करेंसी काउंटिंग मशीन मैन्युफैक्चरर कंपनियों की मानें तो अकेले दून में इस वक्त आठ सौ के आस-पास करेंसी काउंटिंग मशीनें लगी हैं। खास बात यह है कि बीते साल के मुकाबले यह 30 प्रतिशत ज्यादा है।
बताया जा रहा है कि दिवाली नजदीक होने से व्यापारियों में कारोबार बढ़ने की पूरी उम्मीद है। सर्राफा बाजार और प्रापर्टी व्यवसाय कुछ समय पहले तक खासी मंदी से जूझे हैं। उन्हें अब त्योहार पर धंधे के चमकने की आस है। माना जा रहा है कि कारोबार 25 से 30 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। करेंसी काउंटिंग मशीन आर्डर करने वालों में ऐसे व्यवसायियों की ही तादाद अधिक है।
ज्यादातर चाइना मेड
करेंसी काउंटिंग मशीनें ज्यादातर चाइना मेड है और दून में इनकी सप्लाई दिल्ली से हो रही है। सहारनपुर, मुजफ्फरनगर जैसे इलाकों में भी इनकी अच्छी सप्लाई है।
पांच से आठ साल उम्र
एक मशीन की उम्र पांच से आठ साल तक की है। इसके बाद इनका मेंटिनेंस बहुत बढ़ जाता है। इसके लिए ज्यादातर कंपनियों ने लोकल इंजीनियर नियुक्ति किए हैं।
कीमत छह से 30 हजार
एक नोट काउंटिंग मशीन की कीमत छह हजार से 30 हजार रुपये के बीच है। शुरुआती माडल दरकिनार करें, फेक नोट डिटेक्टर के साथ मशीन 28-30 हजार में उपलब्ध होगी।
..तो लोकसभा चुनाव के दौरान बढ़ेगी बिक्री
करेंसी काउंटिंग मशीन लेने के लिए किसी तरह की औपचारिकता पूरी करने की जरूरत नहीं। आर्डर दीजिए, पेमेंट करिए और मशीन घर पहुंच जाएगी। घर या व्यवसाय के पते की जरूरत भी इसलिए है, क्योंकि मशीन को पहुंचाना है, वरना किसी तरह की कोई चेक मशीनों के कारोबार पर नहीं। लोकसभा चुनाव पास हैं। हर बार चुनाव में बड़ी संख्या में काला धन प्रयोग होने की आशंका जताई जाती है। बड़े-बड़े बंडल गिनने में करेंसी काउंटिंग मशीनों का प्रयोग किया जाता है। ऐसे में संभव है कि इस तरह की मशीनों की बिक्री और बढ़े।
दून में 200 से ज्यादा मशीनें हमने लगाई हैं। अब रिटेल वाले भी इन मशीनों का प्रयोग कर रहे हैं। जिनके कारोबार में कैश फ्लो ज्यादा है, वहां से इनकी ज्यादा मांग है।
-पीके सिंह, अलबर्ट संस इंटरनेशनल
दून से हमें खासी संख्या में आर्डर मिलते हैं। इनमें कम और अधिक दोनों तरह की क्षमता वाली मशीनें शामिल हैं। कम क्षमता वाली मशीनें सस्ती पड़ती हैं। इसके लिए कोई औपचारिकता नहीं है।
