
देहरादून। राजधानी में तैनात पुलिस जवान जल्द ही स्मार्ट और हाईटेक फोन ब्लैकबेरी की मदद से अपराधों की गुत्थियां सुलझाते नजर आएंगे। पुलिस सर्विलांस योजना के तहत दून पुलिस को हाईटेक करने के मकसद से शासन को चार करोड़ रुपये मांग का प्रस्ताव भेजा जा चुका है।
योजनानुसार दारोगाओं को उन्नत किस्म के वायरलेस सेट दिए जाएंगे। पहले चरण में ऐेसे 250 कांस्टेबलों को ब्लैकबेरी फोन दिया जाएगा, जिनकी ड्यूटी ट्रैफिक और गश्त में हैं। फोन का फायदा यह होगा कि किसी हादसे, हंगामे या घटना की स्थिति में कांस्टेबल तुरंत फोटो खींच पुलिस कंट्रोल रूम के सर्वर में भेज सकेंगे। ये तस्वीरें तफ्तीश से लेकर कोर्ट के ट्रायल तक एविडेंस (सबूत) के तौर पर उपयोग की जा सकेंगी। ब्रिटेन की स्कॉटलैंड यार्ड पुलिस यह तकनीक अपनाती रही है। हालांकि, कांस्टेबलों को आठ घंटे की ड्यूटी के दौरान ही यह फोन मिलेगा। ड्यूटी खत्म होते ही जवान इसे अगली ड्यूटी करने वाले जवान को सुपुर्द कर देंगे।
चप्पे-चप्पे पर खुफिया निगाह
पुलिस ने खुफिया निगाह (सीसी कैमरे) के दायरे में दून के साथ ऋषिकेश और विकासनगर को भी लाने की तैयारी कर ली है। केंद्र सरकार की योजना के तहत तीनों जगह पहले चरण में 250 सीसी सेंसर कैमरे लगाए जाएंगे। भारतीय सेनाओं में प्रयोग होने वाले इन कैमरों की खासियत यह है कि ये आसपास मूवमेंट की स्थिति में 180 डिग्री तक घूमकर दृश्य कैद कर सकेंगे।
ट्रैफिक पुलिस का अलग कंट्रोल रूम
ट्रैफिक पुलिस का अब अलग कंट्रोल रूम होगा। कांस्टेबल को दिए जाने वाले ब्लैकबेरी फोन का डाटा बैंक ट्रैफिक कंट्रोल रूम में ही होगा। यहीं जिले के सभी सीसी सेंसर कैमरों का डिस्प्ले भी रहेगा। 100 नंबर की तरह यहां के लिए भी अलग से टोल फ्री नंबर जारी किया जाएगा। बताया जा रहा है कि दो माह में टीपीसीआर शुरू होने की उम्मीद है।
जल्द ही सीसी सेंसर कैमरे आ जाएंगे। ब्लैक बेरी फोन को लेकर प्रस्ताव भेजा जा चुका है, इसे जल्द ही स्वीकृति मिलने की संभावना है। पहले चरण में ढाई सौ फोन खरीदे जाएंगे।
-केवल खुराना, एसएसपी
