दूध-दही, पनीर और खाना महंगा

शिमला। आसमान छूते दामों ने लोगों की कमर तोड़ दी है। जिला प्रशासन ने पनीर के दाम 20 रुपये बढ़ाकर 200 रुपये प्रति किलो कर दिए हैं। दही के दाम भी 5 रुपये बढ़ाकर 50 रुपये जबकि खुला दूध, उबला दूध, चीनी युक्त दूध के दाम भी 2 रुपये बढ़ा दिए गए हैं। हालांकि थैलियों और डिब्बों में बंद दूध उन पर छपी दरों के अनुसार ही मिलेगा।
बुधवार को उपायुक्त ने राजधानी समेत जिला भर में खाद्य वस्तुओं के दाम तीन माह बाद फिर बढ़ा दिए हैं। ब्रेकफास्ट, लंच से लेकर डिनर तक सब कुछ महंगा हो गया है। वीरवार से फुल डाइट खाने के लिए ग्राहकों को 45 की बजाय 50 रुपये चुकाने होंगे। राहत की खबर बस इतनी है कि चाय की चुस्की पहले की तरह सात रुपये में ही पड़ेगी।
होटलों और पर्यटन विभाग द्वारा पंजीकृत रेस्तरां में वीरवार से बढ़ी हुई दरें लागू होंगी। दूध, दही व पनीर की दरें निर्धारित करते हुए उपायुक्त ने बताया कि खुला दूध 30 रुपये लीटर, उबला दूध 38 रुपये लीटर, चीनी युक्त उबला हुआ दूध 42 रुपये लीटर, दही 50 रुपये किलो, पनीर 200 रुपये किलो होगा। जिला में मीट बकरी/ भेड़ (शिमला व आसपास) 270 रुपये किलो तथा जिला के अन्य स्थानों पर 280 रुपये किलो, मुर्गा जीवित 100 रुपये किलो, कटा हुआ 120 रुपये किलो, ब्रॉयलर 130 रुपये किलो, ब्रॉयलर कटा हुआ 150 रुपये किलो, मछली 100 रुपये किलो व सुअर का मीट 130 रुपये किलो की दर से निर्धारित किया है।


खाद्य वस्तु जुलाई के दाम मार्च के दाम
फुल डाइट खाना 50 रुपये 45 रुपये
दाल फ्राई 25 रुपये 22 रुपये
मीट (एक प्लेट) 90 रुपये 85 रुपये
सादा परांठा 10 रुपये 7 रुपये
भरवां परांठा 15 रुपये 13 रुपये
मौसमी सब्जी 35 रुपये 32 रुपये
दही (प्लेट) 15 रुपये 14 रुपये
चना भटूरा 30 रुपये 25 रुपये
चने, समोसा 25 रुपये 20 रुपये
दही (किलो) 50 रुपये 45 रुपये

कैश मैमो जरूर लें ग्राहक
उपायुक्त ने सभी कारोबारियों को बेचे गए सामान की कैश मैमो ग्राहकों को देने के आदेश दिए हैं। उपायुक्त दिनेश मल्होत्रा ने कहा कि कारोबारियों को कैश मैमो की एक रसीद अपने पास भी रखनी होगी। इसके अलावा दुकानों में मूल्य सूची भी दर्शानी होगी। ग्राहकों को इसके प्रति आगाह रहने का आग्रह किया गया है।

चना भटूरा के दाम भी बढ़े
राजधानी में तीन माह पूर्व से ही चना भटूरा प्रति प्लेट तीस रुपये बिक रहा है। आधिकारिक तौर पर बुधवार को उपायुक्त ने इसका दाम 25 रुपये से बढ़ाकर 30 किया है। वहीं, शहर की दुकानों में कारोबारियों ने अपनी ही लिस्ट लगाकर 30 रुपये दाम तय कर दिया था।

तीन माह में बढ़ी महंगाई : उपायुक्त
उपायुक्त दिनेश मल्होत्रा ने कहा कि खाद्य वस्तुओं के दामों पर नब्बे दिन के बाद दोबारा से विचार किया जाता है। तीन माह के दौरान महंगाई बढ़ी है। डिमांड और सप्लाई में भी काफी अंतर आया है जिसके चलते खाद्य वस्तुओं के दाम बढ़ाए गए हैं।

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